
खेती की उपज
गेहूँ और मेस्लिन का निर्यात
मई 2022 से लगे प्रतिबंध के बाद 24 अगस्त 2026 से गेहूँ का निर्यात फिर मुक्त है। पड़ोसी देश और खाड़ी स्वाभाविक पहले बाज़ार हैं।
- HS कोड
- 1001 ड्यूरम गेहूँ (1001 11 बीज, 1001 19 अन्य), अन्य गेहूँ (1001 91 बीज, 1001 99 — 1001 99 10 गेहूँ, 1001 99 20 मेस्लिन)। आटा और मैदा 1101 में आते हैं।
- निर्यात नीति
- निर्यात मुक्त 24 अगस्त 2026 से 1001 19 00 और 1001 99 10 के लिए मुक्त (DGFT अधिसूचना 35/2026-27); इससे 13 मई 2022 की अधिसूचना 06/2015-20 वाला प्रतिबंध समाप्त हुआ। गेहूँ के आटे की अपनी अलग अधिसूचनाएँ हैं (34/2026-27)। नीति जल्दी बदल सकती है — अनुबंध पर हस्ताक्षर से पहले dgft.gov.in पर पक्का करें।
- पंजीकरण
- 5 IEC, GST और नीचे दिए गए
- 2025-26 में भारत का निर्यात
- US$ 10.3 मिलियन 6 देशों को
क्या निर्यात होता है
13 मई 2022 से गेहूँ निर्यात पर रोक थी, केवल दूसरे देशों की सरकारों के खाद्य-सुरक्षा अनुरोध पर छूट थी; इसलिए 2025-26 में निर्यात केवल लगभग US$ 10 मिलियन रहा, ज़्यादातर नेपाल, UAE और भूटान को (TradeStat; APEDA इराक़ को भी गिनता है)। 2026 में सरकार ने पहले 25 लाख टन की अनुमति दी, फिर गेहूँ को मुक्त कर दिया। ख़रीदार दक्षिण एशिया, खाड़ी और पूर्वी अफ़्रीका की आटा मिलें और सरकारी अनाज एजेंसियाँ हैं।
क़िस्में, ग्रेड और रूप
- रोटी गेहूँ (एस्टिवम) — HD 2967, PBW 343, WH 542 आदिAPEDA कई किस्में गिनाता है; ख़रीदार किस्म की जगह प्रोटीन और टेस्ट वेट तय करते हैं।
- ड्यूरम गेहूँ — PDW 233 आदिपास्ता और सूजी के लिए सख़्त, सुनहरा दाना।
- शरबती और लोकवन (मध्य प्रदेश)मध्य प्रदेश का प्रीमियम गेहूँ, प्रवासी भारतीयों के आटा ब्रांडों में लोकप्रिय।
कहाँ उगता या बनता है
- उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणासबसे बड़ा ख़रीद क्षेत्र; लुधियाना और दादरी में ड्राई पोर्ट।
- मध्य प्रदेशसीहोर, विदिशा, इंदौर, उज्जैन — रेल से कांडला और मुंद्रा के पास।
- राजस्थान, गुजरात और बिहारकोटा, सौराष्ट्र; बिहार सड़क से नेपाल को आपूर्ति करता है।
ख़रीदार किस गुणवत्ता की माँग करते हैं
- नमी
- FSSAI गेहूँ के लिए अधिकतम सीमा तय करता है; ख़रीदार अक्सर लगभग 12–13% माँगते हैं
- प्रोटीन और टेस्ट वेट
- ख़रीदार तय करता है (जैसे शुष्क आधार पर प्रोटीन, कि.ग्रा. प्रति हेक्टोलीटर)
- दोष
- बाहरी पदार्थ, क्षतिग्रस्त, सिकुड़े और टूटे दाने, अन्य अनाज — अधिकतम सीमा अनुबंध में
- पादप स्वास्थ्य
- कई आयातक करनाल बंट और जीवित कीटों से मुक्ति माँगते हैं
प्रमाणपत्र
- APEDA RCMCज़रूरीAPEDA में पंजीकरण, जो DGFT पोर्टल पर RCMC के रूप में मिलता है; 15 सितंबर 2026 से ₹3 लाख FOB तक की खेप के लिए ज़रूरी नहीं।
- Phytosanitary certificateज़रूरीहर खेप के लिए निरीक्षण के बाद Plant Quarantine (DPPQS) जारी करता है; आवेदन PQMS पर।
- FSSAI licenceज़रूरीजिस परिसर में निर्यात के लिए खाद्य पैक या भंडारित होता है, उसके लिए FSSAI का केंद्रीय लाइसेंस।
- Pre-shipment inspection certificateअक्सर माँगा जाता हैअनुबंध में बताई स्वतंत्र एजेंसी का गुणवत्ता और वज़न प्रमाणपत्र।
शिपिंग, भंडारण और टिकाऊपन
20 फ़ुट का कंटेनर आमतौर पर बोरियों में लगभग 25–26 टन ले जाता है; बड़े अनुबंध थोक जहाज़ों से जाते हैं।
थोक के लिए कांडला और मुंद्रा; नेपाल, भूटान और बांग्लादेश को रेल और सड़क।
सूखे, धूमित, कीट-रहित गोदाम; नमी कम रखें।
सूखा और कीटों से सुरक्षित हो तो एक साल या ज़्यादा।
पैक और कार्टन पर क्या लिखें
- थोक बोरियाँ और कार्टन: उत्पाद और ग्रेड, फ़सल वर्ष, लॉट नंबर, शुद्ध और कुल वज़न, "Product of India", निर्यातक का नाम और ख़रीदार के शिपिंग मार्क — बीजक और पैकिंग सूची से हूबहू मेल खाते हुए।
APEDA की मान्यताप्राप्त प्रयोगशालाओं की सूची वाली लैब (apeda.gov.in → Recognised Organisations), FSSAI द्वारा अधिसूचित लैब, या उस जाँच के लिए NABL-मान्य लैब (nabl-india.org) चुनें। नमूने भेजने से पहले ख़रीदार से पूछें कि वे किसकी रिपोर्ट मानते हैं।
इस उत्पाद के निर्यात के लाभ
- इस लाइन पर RoDTEP वापसी
गेहूँ (1001 99 10), मेस्लिन और ड्यूरम लाइनों पर FOB का 0.9%, बिना अधिकतम सीमा। गेहूँ अब मुक्त है, इसलिए नई खेपों पर यह वापसी लागू है। दर Appendix 4R (10 अक्टूबर 2024 से लागू) के अनुसार है; DGFT अधिसूचना 41/2026-27 ने 30 सितंबर 2026 को लागू दरें 31 दिसंबर 2026 तक बिना बदलाव जारी रखी हैं। दाम तय करने से पहले अपनी सटीक 8 अंकों की लाइन dgft.gov.in पर जाँच लें।
DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10 Oct 2024 (Notification No. 32, 30 Sep 2024) ↗ - APEDA सहायता (भारत कृषि निर्यात योजना)
APEDA की 2026-27 से 2030-31 की वित्तीय सहायता योजना पंजीकृत निर्यातकों, FPO और प्रसंस्करणकर्ताओं को पैकहाउस, कोल्ड चेन, जाँच, गुणवत्ता प्रणाली और बाज़ार विकास में मदद देती है। ख़र्च करने से पहले हर घटक की शर्तें पढ़ें।
APEDA — Bharat Krishi Niryat Yojana 2026-27 to 2030-31, operational guidelines (6 Oct 2026) ↗
कहाँ पंजीकरण कराएँ
- APEDAAPEDA की अनुसूचित उपजों के लिए पंजीकरण-सह-सदस्यता प्रमाणपत्र (RCMC)। IEC मिलने के बाद DGFT पोर्टल पर आवेदन करें।dgft.gov.in ↗
- Plant Quarantine (DPPQS)पौध-उपज की हर खेप के लिए पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र, जिसका आवेदन PQMS पर ऑनलाइन होता है। कुछ देश पैकहाउस या प्रसंस्करण इकाई का पंजीकरण भी माँगते हैं।pqms.cgg.gov.in ↗
- FSSAIखाद्य व्यवसाय लाइसेंस। FSSAI खाद्य निर्यातकों को केंद्रीय लाइसेंस के दायरे में रखता है; जिस परिसर से माल पैक होता है, उसके लिए FoSCoS पर आवेदन करें।foscos.fssai.gov.in ↗
गुणवत्ता और जाँच
- हर खेप के लिए Plant Quarantine से पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र; कुछ देश उपचार या कीट-मुक्त क्षेत्र की शर्तें भी जोड़ते हैं — पहले आयातक देश के नियम देखें।
- ख़रीदार नमी, प्रोटीन, टेस्ट वेट, फ़ॉलिंग नंबर, ग्लूटेन, क्षतिग्रस्त और बाहरी दाने तय करते हैं; करनाल बंट से मुक्ति आम पादप-स्वच्छता माँग है।
- कीटनाशक अवशेष गंतव्य देश की MRL के भीतर होने चाहिए; फ़सल ख़रीदने से पहले APEDA के अंतरराष्ट्रीय कीटनाशक MRL डेटाबेस में इन्हें देख लें।
- माइकोटॉक्सिन (डीऑक्सीनिवैलेनॉल, एफ़्लाटॉक्सिन) और धूमक अवशेष; लदान के समय किसी स्वतंत्र निरीक्षण एजेंसी से नमूना लिवाएँ।
नेपाल, भूटान या खाड़ी की किसी आटा मिल को 50 किलो की बोरियों में कंटेनर से गेहूँ भेजकर शुरुआत करें, FOB दाम पर, और ख़रीदार द्वारा बताई एजेंसी से लदान-पूर्व निरीक्षण कराएँ। 15 सितंबर 2026 से ₹3 लाख FOB तक की खेप के लिए RCMC ज़रूरी नहीं है (DGFT अधिसूचना 36/2026-27); किसी क़ानून के तहत ज़रूरी पंजीकरण फिर भी लागू रहते हैं।
जहाँ नए निर्यातक चूकते हैं
- नीति-परिवर्तन की शर्त के बिना लंबे अनुबंध करना — 2022 से 2026 के बीच गेहूँ नीति चार बार बदली।
- एक खेप में अलग प्रोटीन या नमी वाले लॉट मिलाना; थोक ख़रीदार हर होल्ड या कंटेनर का नमूना लेते हैं।
इसके लिए ख़ास दस्तावेज़
लागू योजनाएँ
स्रोत (6)
- DGFT Notification 35/2026-27 (24 Aug 2026) — export policy of wheat revised from Prohibited to Free
- DGFT Notification 13/2026-27 (27 Apr 2026) — export of additional 25 LMT of wheat permitted
- PIB — Government approves wheat exports and allows additional wheat product and sugar exports (13 Feb 2026)
- APEDA — Wheat product profile (varieties, states, 2025-26 destinations)
- Department of Commerce — TradeStat, India’s exports by commodity and country (2025-26)
- DGFT Notification 36/2026-27 (15 Sep 2026) — no RCMC needed for consignments up to ₹3 lakh FOB
व्यापार के आँकड़े
भारत से गेहूँ और मेस्लिन का निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से, हर देश के लिए। US$ में, वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च)।
- 2025-26 में निर्यात
- US$ 10.3 मिलियन 2020-21 से 2025-26 तक हर साल औसतन -55.2%
- 2024-25 से बदलाव
- ↑ +406.9% US$ 2 मिलियन → US$ 10.3 मिलियन
- ख़रीदार देश
- 6
- औसत निर्यात मूल्य
- US$ 0.33 प्रति किलो · 31,185 टन भेजा गया · पिछले साल US$ 0.57
दाम का चक्र
भारत के निर्यात का औसत दाम प्रति किलो, हर साल (कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा)। सबसे ऊँचा 2024-25 में, सबसे नीचा 2020-21 में — ऊपर-नीचे का फ़र्क़ 116%। दाम तय करते समय यह झूला याद रखें।
आगे क्या: रुझान से अनुमान
पिछले सालों के रुझान को आगे बढ़ाकर बनाया गया अनुमान — किसी सरकारी संस्था का पूर्वानुमान नहीं। नीति, दाम या माँग का अचानक बदलाव इसमें शामिल नहीं है।
संभावित दायरा US$ 26 हज़ार से US$ 5.7 मिलियन।
- रुझान
- -71.7% प्रति वर्ष
- फ़िट (R²)
- 0.69
- आधार
- 6 साल के आधिकारिक आँकड़े
तरीका: सालाना निर्यात के लघुगणक पर सीधी रेखा (लॉग-लीनियर रिग्रेशन), दायरा ±1 मानक त्रुटि।
सबसे बड़े ख़रीदार देश
2025-26 में मूल्य के हिसाब से। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
कहाँ माँग बढ़ रही है, कहाँ घट रही है
केवल वे देश जो कम से कम US$ 1 मिलियन या भारत के इस निर्यात का 1% ख़रीदते हैं। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- नेपालUS$ 110 हज़ार → US$ 8 मिलियन↑+7,200%
- संयुक्त अरब अमीरातUS$ 1.2 मिलियन → US$ 1.9 मिलियन↑+60.5%
↓ कम माँग
इस साल कोई बड़ा देश इस सूची में नहीं आया।
किस रूप में कितना जाता है, और किस दाम पर
भारत का निर्यात 8-अंकीय टैरिफ़ लाइन के हिसाब से, 2025-26। औसत दाम = कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा (TradeStat), यानी एक लाइन के सभी शिपमेंट का औसत — किसी एक सौदे का दाम नहीं।
| टैरिफ़ लाइन | मूल्य 2025-26 | बदलाव | मात्रा | औसत दाम |
|---|---|---|---|---|
Cereals, wheat and meslin, other than durum wheat, other than seed — wheat1001 99 10 | US$ 10.2 मिलियन | ↑+646.7% | 31,130 टन | US$ 0.33 प्रति किलोपिछले साल US$ 0.51 |
Cereals, wheat and meslin, other than durum wheat, seed — seed1001 91 00 | US$ 50 हज़ार | ↓-91.1% | 52 टन | US$ 0.97 प्रति किलोपिछले साल US$ 0.74 |
Cereals, wheat and meslin, durum wheat, other than seed — durum wheat; other1001 19 00 | US$ 10 हज़ार | — | 2.9 टन | US$ 3.39 प्रति किलो |
Cereals, wheat and meslin, durum wheat, seed — seed1001 11 00 | US$ 0 | ↓-100% | 1.0 टन | — |
दुनिया का बाज़ार
UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज निर्यात और आयात, 2023 (वह नवीनतम साल जिसका लगभग सभी देशों ने आँकड़ा भेजा है)।
- दुनिया का कुल आयात
- US$ 64.1 बिलियन 2023
- निर्यातकों में भारत
- #34 102 देशों में
- दुनिया के निर्यात में भारत का हिस्सा
- 0.1% US$ 48.2 मिलियन
- बाक़ी दुनिया का हिस्सा
- US$ 49.8 बिलियन दूसरे देशों का निर्यात
सबसे बड़े निर्यातक — आपके प्रतियोगी
- 1ऑस्ट्रेलियाUS$ 9.28 बिलियन 18.6%
- 2कनाडाUS$ 8.85 बिलियन 17.8%
- 3अमेरिकाUS$ 6.13 बिलियन 12.3%
- 4फ़्रांसUS$ 4.01 बिलियन 8%
- 5यूक्रेनUS$ 2.94 बिलियन 5.9%
- 6रोमानियाUS$ 2.23 बिलियन 4.5%
- 7जर्मनीUS$ 1.98 बिलियन 4%
- 8पोलैंडUS$ 1.96 बिलियन 3.9%
- 9कज़ाख़स्तानUS$ 1.85 बिलियन 3.7%
- 10बुल्गारियाUS$ 1.68 बिलियन 3.4%
दुनिया के सबसे बड़े ख़रीदार
- 1चीनUS$ 4.31 बिलियन 6.7%
- 2मिस्रUS$ 3.8 बिलियन 5.9%
- 3इंडोनेशियाUS$ 3.76 बिलियन 5.9%
- 4तुर्कियेUS$ 3.54 बिलियन 5.5%
- 5इटलीUS$ 3.1 बिलियन 4.8%
- 6स्पेनUS$ 2.83 बिलियन 4.4%
- 7नाइजीरियाUS$ 2.19 बिलियन 3.4%
- 8फ़िलीपींसUS$ 2 बिलियन 3.1%
- 9जापानUS$ 1.94 बिलियन 3%
- 10मोरक्कोUS$ 1.91 बिलियन 3%
मौक़ा: ये देश दुनिया से कितना ख़रीदते हैं, और भारत से कितना
UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज आयात, देश के नवीनतम वर्ष का। लंबी हल्की पट्टी वह माँग है जो अभी दूसरे देश पूरी कर रहे हैं।
2023-24 की मात्रा TradeStat में दोगुनी दर्ज है, इसलिए वह साल औसत मूल्य में नहीं लिया गया। स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
कदम-दर-कदम
गेहूँ और मेस्लिन का निर्यात कैसे करें
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूँ उत्पादक है, पर आमतौर पर अधिशेष वाले वर्षों में ही निर्यात करता रहा है। मई 2022 के प्रतिबंध के बाद 2026 तक निर्यात केवल सरकार-से-सरकार आपूर्ति तक सीमित रहा; फिर 25 लाख टन की अनुमति मिली और 24 अगस्त 2026 को नीति मुक्त हो गई। विश्व व्यापार पर रूस, EU, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन और अर्जेंटीना हावी हैं। भारत के स्वाभाविक बाज़ार नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, खाड़ी और पूर्वी अफ़्रीका हैं, जहाँ कांडला से भाड़ा कम है।
- 01नीति पक्की करें
दाम बताने से पहले DGFT पर गेहूँ की मौजूदा नीति देखें — 2022 से 2026 के बीच यह चार बार बदली।
- 02पंजीकरण
IEC और APEDA RCMC लें।
- 03ख़रीदें और साफ़ करें
ख़रीद के मौसम में मंडियों या संग्राहकों से ख़रीदें; अनुबंध के अनुसार साफ़ और ग्रेड करें।
- 04निरीक्षण और पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र
PQMS पर आवेदन करें; प्रमाणपत्र देने से पहले Plant Quarantine लॉट का निरीक्षण करता है (और आयातक देश माँगे तो धूमन या उपचार भी)।
- 05विनिर्देश, दाम और भुगतान तय करें
ग्रेड, जाँचें, पैकिंग, Incoterm (FOB या CIF), लदान अवधि और भुगतान (अग्रिम, LC या भुगतान पर दस्तावेज़) लिखित अनुबंध में रखें। उधार दें तो ख़रीदार को ECGC से कवर करें।
- 06शिपिंग बिल भरें और माल भेजें
आपका कस्टम ब्रोकर बीजक और पैकिंग सूची के साथ ICEGATE पर शिपिंग बिल भरता है। सीमा-शुल्क मंज़ूरी के बाद शिपिंग लाइन बिल ऑफ़ लैडिंग देती है; ख़रीदार को व्यापार-समझौते की दर चाहिए तो सही एजेंसी से उत्पत्ति प्रमाणपत्र लें।
- 07भुगतान लें और फ़ाइल बंद करें
मूल दस्तावेज़ अपने बैंक के ज़रिये भेजें (अग्रिम भुगतान हो तो सीधे ख़रीदार को)। पैसा आने पर e-BRC लें और जहाँ लागू हों, RoDTEP और ड्रॉबैक का दावा करें।
सवाल-जवाब
गेहूँ और मेस्लिन के निर्यात पर सवाल
क्या अब गेहूँ निर्यात कर सकते हैं?
क्या गेहूँ का आटा भी मुक्त है?
भारतीय गेहूँ कौन-से देश ख़रीदते हैं?
करनाल बंट क्या है?
गेहूँ पर कितना RoDTEP मिलता है?
स्रोत (6)
- DGFT Notification 35/2026-27 (24 Aug 2026) — export policy of wheat revised from Prohibited to Free
- DGFT Notification 13/2026-27 (27 Apr 2026) — export of additional 25 LMT of wheat permitted
- PIB — Government approves wheat exports and allows additional wheat product and sugar exports (13 Feb 2026)
- APEDA — Wheat product profile (varieties, states, 2025-26 destinations)
- DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10 Oct 2024 (Notification No. 32, 30 Sep 2024)
- Plant Quarantine (DPPQS) — PQMS portal for phytosanitary certificates
गेहूँ और मेस्लिन कौन ख़रीदता है
सभी देश →
SAFTANPRकाठमांडूनेपालखुली स्थल सीमा, रुपये में भुगतान और भारतीय सामान पर निर्भर बाज़ार — सड़क से जाने वाला आसान पहला बाज़ार।भारत से 2025-26US$ 7.45 बिलियन
CEPAAEDअबू धाबीसंयुक्त अरब अमीरातखाड़ी में भारत का सबसे बड़ा ख़रीदार और पश्चिम एशिया व अफ्रीका के लिए पुनर्निर्यात का केंद्र। CEPA 2022 से लागू है।भारत से 2025-26US$ 37.4 बिलियन
SAFTABTNथिम्फूभूटानपश्चिम बंगाल और असम से सड़क द्वारा पहुँचने वाला शुल्क-मुक्त, रुपये पर आधारित पड़ोसी बाज़ार।भारत से 2025-26US$ 1.25 बिलियन
खेती की उपज में और
सभी उत्पाद →
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजबासमती चावलमूल्य के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा कृषि निर्यात। निर्यात मुक्त है, पर हर अनुबंध पहले APEDA में पंजीकृत कराना होता है।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.67 बिलियन ↓4.6%
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजग़ैर-बासमती चावलभारी मात्रा वाला मुख्य अनाज, जो ज़्यादातर अफ़्रीका और बांग्लादेश जाता है। निर्यात 2024–25 में फिर खुला, पर अब अनुबंध APEDA में पंजीकृत कराने होते हैं।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.86 बिलियन ↓10.2%
निर्यात मुक्तखेती की उपजमसालेसाबुत, पिसे और मिश्रित मसाले। Spices Board पंजीकरण (CRES) अनिवार्य है; अवशेष और एथिलीन ऑक्साइड की जाँच तय करती है कि ख़रीदार टिकेंगे या नहीं।HS0904–0910निर्यात 2025-26US$ 3.12 बिलियन ↓5.1%
निर्यात मुक्तखेती की उपजमिर्चमात्रा में भारत का सबसे बड़ा मसाला निर्यात। सूखी लाल मिर्च चीन, थाईलैंड और बांग्लादेश जाती है; एफ़्लाटॉक्सिन और अवशेष की जाँच पास करनी होती है।HS0904.21निर्यात 2025-26US$ 1.1 बिलियन ↓12.9%
