
कदम 06 / 07
अपने उत्पाद के लिए ज़रूरी लाइसेंस लें
IEC, GST और RCMC सबके लिए एक जैसे हैं। खाद्य पदार्थ, दवाएँ, समुद्री उत्पाद और कुछ अन्य वस्तुओं के लिए अतिरिक्त लाइसेंस, पंजीकरण या जाँच प्रमाणपत्र चाहिए।
- सरकारी फ़ीस
- हर लाइसेंस का शुल्क अलग है। वर्तमान शुल्क जारी करने वाली संस्था के पोर्टल (FSSAI, APEDA, मसाला बोर्ड, MPEDA, CDSCO, वनस्पति संगरोध) पर देखें।
- समय
- हर लाइसेंस का समय अलग — हर संस्था का नागरिक चार्टर देखें।
सबसे पहले dgft.gov.in पर ITC(HS) अनुसूची 2 में अपने 8 अंकों वाले HS कोड की निर्यात नीति देखें। ज़्यादातर वस्तुएँ “मुक्त” (Free) हैं। कुछ “प्रतिबंधित” (Restricted) हैं, जिनके लिए DGFT का निर्यात प्राधिकार चाहिए; कुछ केवल शर्तों के साथ अनुमत हैं; और कुछ पूरी तरह निषिद्ध हैं।
खाद्य: निर्यातकों सहित सभी खाद्य व्यवसायों को FSSAI लाइसेंस चाहिए (FoSCoS पर आवेदन करें)। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य: APEDA पंजीकरण। मसाले: मसाला बोर्ड का CRES। समुद्री उत्पाद: MPEDA पंजीकरण, और यूरोपीय संघ जैसे बाज़ारों के लिए प्रसंस्करण संयंत्र की EIC मंज़ूरी।
पौधों, फलों, सब्ज़ियों, अनाज और बीजों के लिए सामान्यतः वनस्पति संगरोध संगठन से पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र (फाइटोसैनिटरी) चाहिए, जिसका आवेदन ऑनलाइन होता है। दवाओं के लिए राज्य का औषधि निर्माण लाइसेंस और कुछ उत्पादों तथा बाज़ारों के लिए CDSCO की अनुमति चाहिए। कुछ देशों को भेजे जाने वाले कुछ सामानों के लिए EIC की निर्यात जाँच ज़रूरी है।
BIS प्रमाणन मुख्यतः भारत में बिकने या भारत आयात होने वाले सामान के लिए है, निर्यात के लिए नहीं। निर्यात में खरीदार देश का अपना मानक मायने रखता है। माल बनाने से पहले हमेशा खरीदार से पूछें कि उनका कस्टम और खुदरा विक्रेता कौन-से प्रमाणपत्र माँगेंगे।