Imports & Exportsनिर्यात शुरू करें

कदम 01 / 07

व्यापार का स्वरूप चुनें और PAN लें

तय करें कि निर्यात कौन करेगा: आप स्वयं (एकल स्वामित्व), साझेदारी फर्म, LLP या कंपनी। आगे के सभी पंजीकरण इसी इकाई के PAN पर टिके होते हैं।

  1. 1व्यापार का स्वरूप चुनें और PAN लें
  2. 2विदेशी मुद्रा का काम करने वाले बैंक में चालू खाता खोलें
  3. 3DGFT से आयातक-निर्यातक कोड (IEC) लें
  4. 4GST पंजीकरण कराएँ और वचन-पत्र (LUT) दाखिल करें
  5. 5सही निर्यात संवर्धन परिषद या बोर्ड से RCMC लें
  6. 6अपने उत्पाद के लिए ज़रूरी लाइसेंस लें
  7. 7अपनी पहली खेप भेजें
सरकारी फ़ीस
प्रोप्राइटरशिप के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है। कंपनी और LLP का शुल्क कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय तय करता है — mca.gov.in पर देखें।
समय
PAN सामान्यतः कुछ ही दिनों में ऑनलाइन जारी हो जाता है; समय-सीमा आयकर पोर्टल पर देखें।
कहाँ करें
Income Tax e-filing portal (PAN) ↗

निर्यात के लिए कंपनी बनाना ज़रूरी नहीं है। एकल स्वामित्व (प्रोप्राइटरशिप) की अनुमति है, और तब IEC मालिक के अपने PAN पर जारी होता है। बहुत से नए निर्यातक इसी तरह शुरू करते हैं, क्योंकि इसे बनाने में कोई खर्च नहीं होता और अलग से कोई रिटर्न नहीं भरना पड़ता।

साझेदारी फर्म, LLP या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का अपना अलग PAN होता है। अगर आपके साझेदार हैं, बाहर से पूँजी लेनी है, या आप व्यापार का जोखिम अपनी निजी संपत्ति से अलग रखना चाहते हैं, तो इनमें से कोई रूप चुनें। कंपनी और LLP का पंजीकरण कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के पोर्टल पर होता है।

DGFT एक PAN पर केवल एक IEC जारी करता है। इसलिए अभी जो इकाई आप चुनेंगे, उसी का नाम हर इनवॉइस, शिपिंग बिल और बैंक दस्तावेज़ पर आएगा। बाद में इसे बदलने का अर्थ है नया PAN और नया IEC।

PAN, बैंक खाते, GST और IEC — सब जगह नाम और पता बिल्कुल एक जैसा रखें। नाम या पते में अंतर ही पंजीकरण या कस्टम प्रविष्टि अटकने का सबसे आम कारण है।

स्रोत (3)
  1. DGFT Handbook of Procedures, Chapter 2 (July 2026) — para 2.12 One PAN-One IEC
  2. Income Tax Department e-filing portal
  3. Ministry of Corporate Affairs