Imports & Exportsनिर्यात शुरू करें

कदम 04 / 07

GST पंजीकरण कराएँ और वचन-पत्र (LUT) दाखिल करें

GST में निर्यात शून्य-दर (zero-rated) आपूर्ति है। फ़ॉर्म GST RFD-11 में LUT देकर आप IGST चुकाए बिना निर्यात कर सकते हैं, जिससे रिफ़ंड के इंतज़ार में पैसा नहीं फँसता।

  1. 1व्यापार का स्वरूप चुनें और PAN लें
  2. 2विदेशी मुद्रा का काम करने वाले बैंक में चालू खाता खोलें
  3. 3DGFT से आयातक-निर्यातक कोड (IEC) लें
  4. 4GST पंजीकरण कराएँ और वचन-पत्र (LUT) दाखिल करें
  5. 5सही निर्यात संवर्धन परिषद या बोर्ड से RCMC लें
  6. 6अपने उत्पाद के लिए ज़रूरी लाइसेंस लें
  7. 7अपनी पहली खेप भेजें
सरकारी फ़ीस
निःशुल्क — GST पंजीकरण या LUT दाखिल करने का कोई सरकारी शुल्क नहीं।
समय
LUT दाखिल करते ही ऑनलाइन पावती मिल जाती है। GST पंजीकरण का समय सत्यापन पर निर्भर है — स्थिति gst.gov.in पर देखें।
कहाँ करें
GST portal — Furnish Letter of Undertaking (RFD-11) ↗

IGST अधिनियम के तहत निर्यात को अंतरराज्यीय आपूर्ति माना जाता है, और वस्तुओं की अंतरराज्यीय कर-योग्य आपूर्ति करने वाले हर व्यक्ति को टर्नओवर चाहे जितना हो, GST पंजीकरण कराना होता है। gst.gov.in पर उसी नाम और PAN से पंजीकरण कराएँ जो आपके IEC में है।

इसके बाद दो रास्ते हैं। पहला: LUT दाखिल करें और IGST चुकाए बिना निर्यात करें, फिर जमा हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफ़ंड लें। दूसरा: निर्यात पर IGST चुकाएँ और शिपिंग बिल तथा GST रिटर्न का मिलान होते ही वह अपने-आप वापस मिल जाता है। ज़्यादातर छोटे निर्यातक LUT चुनते हैं क्योंकि इससे नकदी नहीं फँसती।

GST पोर्टल पर फ़ॉर्म GST RFD-11 में LUT ऑनलाइन दाखिल करें (Services → User Services → Furnish Letter of Undertaking)। यह एक वित्त वर्ष के लिए मान्य है, इसलिए हर साल 1 अप्रैल से पहले नया LUT दाखिल करें। अपने निर्यात इनवॉइस पर लिखें: “Supply meant for export under LUT without payment of IGST”।

CGST नियमों के नियम 96A के अनुसार LUT पर निर्यात किया गया माल इनवॉइस की तारीख से तीन महीने के भीतर भारत से निकल जाना चाहिए, और भुगतान RBI द्वारा अनुमत समय में आना चाहिए। ऐसा न हो तो ब्याज सहित IGST चुकाना पड़ता है। हर इनवॉइस को उसके शिपिंग बिल से मिलाकर रखें।

स्रोत (2)
  1. GST portal
  2. CBIC GST — CGST Rules, 2017 (rule 96A, Form GST RFD-11)