
कदम 07 / 07
अपनी पहली खेप भेजें
ICEGATE पर पंजीकरण करें, AD कोड और बैंक खाता जोड़ें, लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर और फ़्रेट फ़ॉरवर्डर रखें, शिपिंग बिल दाखिल करें, लेट एक्सपोर्ट ऑर्डर (LEO) लें, और भुगतान आने पर e-BRC प्राप्त करें।
- सरकारी फ़ीस
- ICEGATE पंजीकरण के लिए कोई शुल्क सूचीबद्ध नहीं है। कस्टम ब्रोकर, भाड़ा, बंदरगाह और कंटेनर के शुल्क निजी दरें हैं — इन्हें लिखित में लें।
- समय
- जाँच का आदेश न हो तो शिपिंग बिल से LEO तक अक्सर उसी दिन या अगले दिन; उसके बाद समुद्री यात्रा में कुछ दिन से कुछ सप्ताह लगते हैं।
- कहाँ करें
- ICEGATE — Customs e-filing portal ↗
कस्टम के पोर्टल ICEGATE पर अपना IEC पंजीकृत करें। फिर ICEGATE के Bank Account Management में अपना AD कोड (बैंक का प्राधिकार पत्र e-SANCHIT पर अपलोड करके) और वह बैंक खाता पंजीकृत करें जिसमें ड्यूटी ड्रॉबैक, RoDTEP और IGST रिफ़ंड आएँगे। यह काम पहली खेप से पहले, हर उस बंदरगाह के लिए करें जहाँ से आप माल भेजेंगे।
शिपिंग बिल दाखिल करने के लिए लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर (CHA) रखें, और जहाज़ या विमान में जगह बुक करने के लिए फ़्रेट फ़ॉरवर्डर। दोनों से लिखित दर लें। उन्हें व्यावसायिक इनवॉइस, पैकिंग सूची और उत्पाद से जुड़े प्रमाणपत्र दें।
शिपिंग बिल इलेक्ट्रॉनिक रूप से दाखिल होता है। इसमें आप HS कोड, मूल्य, और यह घोषित करते हैं कि आप ड्यूटी ड्रॉबैक या RoDTEP का दावा कर रहे हैं या LUT के तहत निर्यात कर रहे हैं। कस्टम माल की जाँच कर सकता है। मंज़ूरी के बाद कस्टम लेट एक्सपोर्ट ऑर्डर (LEO) देता है, और तब माल लादा जा सकता है।
खरीदार के भुगतान करने पर आपका AD बैंक वसूली को RBI की EDPMS में दर्ज करता है और यह ब्योरा e-BRC के रूप में DGFT तक पहुँचता है। कई लाभों का दावा करने के लिए e-BRC ज़रूरी है। RBI विनियम 2026 के तहत ₹10 लाख तक के शिपिंग बिल को बैंक आपकी इस घोषणा पर बंद कर सकता है कि भुगतान मिल गया है।
छोटी शुरुआत करें: एक पैलेट या आंशिक कंटेनर (LCL) की खेप, अग्रिम भुगतान या पुष्ट साख-पत्र (LC) के साथ। हर दस्तावेज़ की प्रति संभालकर रखें — कस्टम, GST और बैंक वर्षों बाद भी इन्हें माँग सकते हैं।