
अफ़्रीका
मिस्र को निर्यात
बड़ा उत्तर अफ्रीकी बाज़ार। हर खेप का लदान से पहले मिस्र की ACI प्रणाली पर पूर्व-पंजीकरण ज़रूरी।
- राजधानी
- काहिरा
- मुद्रा
- EGP
- भारत से व्यापार समझौता
- कोई नहीं
- मुख्य बंदरगाह
- Port Said (East Port Said), Alexandria, Damietta
मिस्र का भारत के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं है। वह भारतीय मांस, सूती धागा, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन, वाहन और पुर्ज़े, मसाले और चाय ख़रीदता है। उसकी आयात प्रणाली सख़्त है: आयातक को हर खेप का अग्रिम कार्गो सूचना (ACI) प्रणाली पर पूर्व-पंजीकरण करना होता है, और निर्यातक को लदान से पहले दस्तावेज़ इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजने होते हैं। डॉलर की कमी से कई बार भुगतान में देरी हुई है।
भारत से क्या ख़रीदता है
- भैंस का मांस और दूसरे खाद्य
- सूती धागा और वस्त्र
- पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन
- वाहन, ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, मसाले और चाय
वहाँ के आयात नियम
- अग्रिम कार्गो सूचना (ACI): मिस्र का आयातक नफ़ेज़ा प्लेटफ़ॉर्म पर ACID नंबर लेता है, और निर्यातक को भेजने से पहले बीजक और दस्तावेज़ भेजने के लिए स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफ़ॉर्म (CargoX) पर पंजीकरण कराना होता है।
- कुछ उपभोक्ता सामान (जैसे वस्त्र, फ़र्नीचर, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन और कुछ खाद्य) बनाने वाली फ़ैक्टरियों का GOEIC में पंजीकरण ज़रूरी है, तभी उनका माल आयात हो सकता है।
- खाद्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (NFSA) के नियंत्रण में है; लेबल में अरबी होनी चाहिए।
काम की बातें
- जब तक आयातक आपको ACID नंबर न दे, लदान न करें — इसके बिना भेजा गया माल प्रवेश से रोका जा सकता है।
- भारतीय या अंतरराष्ट्रीय बैंक से कन्फ़र्म्ड LC रखें, और मिस्र के लिए ECGC कवर जाँचें।
- काहिरा का फ़ूड अफ्रीका खाद्य निर्यातकों के लिए उपयोगी मेला है।
व्यापार के आँकड़े
भारत से मिस्र को निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से (वित्त वर्ष, अप्रैल–मार्च), दुनिया से इस देश के आयात UN Comtrade से, और देश की बुनियादी जानकारी विश्व बैंक से।
- 2025-26 में भारत से निर्यात
- US$ 3.87 बिलियन हमारे 80 देशों में 33वाँ
- 2024-25 से बदलाव
- ↑ +13.6% US$ 3.41 बिलियन → US$ 3.87 बिलियन
- भारत के कुल निर्यात में हिस्सा
- 0.88%
- दुनिया से इसका आयात
- US$ 94.7 बिलियन 2024 · इसमें भारत का हिस्सा 3.42%
भारत यहाँ सबसे ज़्यादा क्या बेचता है
HS अध्याय के हिसाब से, 2025-26। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
किसकी माँग बढ़ रही है, किसकी घट रही है
वे अध्याय जिनमें भारत कम से कम US$ 5 मिलियन बेचता है। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- विस्फोटक, माचिसUS$ 20.6 मिलियन → US$ 85.7 मिलियन↑+317%
- ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादUS$ 236 मिलियन → US$ 449 मिलियन↑+90.5%
- कॉफ़ी, चाय, मसालेUS$ 41.3 मिलियन → US$ 61.8 मिलियन↑+49.4%
- कपास और सूती धागा-कपड़ाUS$ 192 मिलियन → US$ 280 मिलियन↑+45.6%
- लोहे और इस्पात का सामानUS$ 61.5 मिलियन → US$ 86.5 मिलियन↑+40.7%
- वाहन और पुर्ज़ेUS$ 126 मिलियन → US$ 160 मिलियन↑+27.2%
- दवाएँ और फ़ार्माUS$ 46.8 मिलियन → US$ 58.7 मिलियन↑+25.5%
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामानUS$ 110 मिलियन → US$ 129 मिलियन↑+17.4%
↓ कम माँग
- तंबाकूUS$ 115 मिलियन → US$ 35.5 मिलियन↓-69.3%
- एल्युमिनियमUS$ 46.3 मिलियन → US$ 31 मिलियन↓-33%
- अन्य रासायनिक उत्पादUS$ 90.1 मिलियन → US$ 80.3 मिलियन↓-10.9%
मौक़ा: यह देश दुनिया से क्या ख़रीदता है, और भारत से कितना
UN Comtrade में इस देश का अपना दर्ज आयात, 2024। वे अध्याय जिनमें दुनिया से ख़रीद और भारत से ख़रीद का अंतर सबसे बड़ा है।
हमारी उत्पाद गाइड जो यहाँ बिकती हैं
हर उत्पाद का भारत से इस देश को निर्यात, 2025-26।
निर्यात की 20 सबसे बड़ी चीज़ें
4-अंकीय HS लाइन, 2025-26। विवरण HS नामावली के अंग्रेज़ी नाम में, साथ में अध्याय हिंदी में।
भारत मिस्र से क्या ख़रीदता है
TradeStat के अनुसार भारत का इस देश से आयात, 2025-26, HS अध्याय के हिसाब से — यह देश आपका सप्लायर भी हो सकता है।
- भारत का आयात, 2025-26
- US$ 2.6 बिलियन US$ 1.33 बिलियन → US$ 2.6 बिलियन
- भारत का निर्यात, 2025-26
- US$ 3.87 बिलियन
- व्यापार संतुलन
- +US$ 1.27 बिलियन निर्यात घटा आयात
- आयात में बदलाव
- +95.9%
देश एक नज़र में
- जनसंख्या
- 118 मिलियन 2025
- GDP
- US$ 365.3 बिलियन 2025
- प्रति व्यक्ति GDP
- US$ 3,086 2025
- कुल आयात (सामान और सेवाएँ)
- US$ 115.1 बिलियन 2025
स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · World Bank — World Development Indicators · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
मिस्र को क्या भेजें
सभी उत्पाद →
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानसूती धागा (कॉटन यार्न)विदेशी बुनाई और निटिंग मिलों को थोक में बिकने वाला सूती धागा; सबसे बड़ा खरीदार बांग्लादेश है।HS5205निर्यात 2025-26US$ 3.22 बिलियन ↓4.1%
निर्यात मुक्तखेती की उपजमसालेसाबुत, पिसे और मिश्रित मसाले। Spices Board पंजीकरण (CRES) अनिवार्य है; अवशेष और एथिलीन ऑक्साइड की जाँच तय करती है कि ख़रीदार टिकेंगे या नहीं।HS0904–0910निर्यात 2025-26US$ 3.12 बिलियन ↓5.1%
निर्यात मुक्तप्रोसेस्ड खाद्यचायअसम, दार्जिलिंग, नीलगिरि और CTC चाय। Tea Board का निर्यातक लाइसेंस चाहिए; अवशेष और GI नियम मायने रखते हैं।HS0902निर्यात 2025-26US$ 899 मिलियन ↑8%
निर्यात मुक्तखेती की उपजतिलगुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के प्राकृतिक और छिले तिल। EU की खेप के लिए IOPEPC का निर्यात प्रमाणपत्र और सख़्त अवशेष जाँच चाहिए।HS1207.40निर्यात 2025-26US$ 423 मिलियन ↓13.8%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानऑटो पार्ट्स और पुर्ज़ेवाहन निर्माताओं और आफ़्टरमार्केट के लिए पुर्ज़े; ज़्यादातर अमेरिका, जर्मनी और इटली खरीदते हैं, लैटिन अमेरिका में भी अच्छी माँग।HS8708निर्यात 2025-26US$ 7.64 बिलियन ↑1.8%
निर्यात मुक्तदवा और रसायनजेनेरिक दवाएँ (फ़ॉर्मूलेशन)गोलियाँ, कैप्सूल और इंजेक्शन; हर बाज़ार में उत्पाद पंजीकरण ज़रूरी है। सबसे ज़्यादा अमेरिका खरीदता है।HS3004निर्यात 2025-26US$ 21.9 बिलियन ↓0.7%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानपंपकोयंबटूर, राजकोट और अहमदाबाद के कृषि, घरेलू और औद्योगिक पंप; अमेरिका आगे।HS8413निर्यात 2025-26US$ 1.6 बिलियन ↑5.2%
निर्यात मुक्तखेती की उपजअदरकताज़ा अदरक बांग्लादेश और खाड़ी को, सूखा और पिसा अदरक मोरक्को, अमेरिका और यूरोप को। CRES ज़रूरी।HS0910.11निर्यात 2025-26US$ 143 मिलियन ↑14.3%
अफ़्रीका के और देश
KESनैरोबीकेन्यामोम्बासा के ज़रिए पूर्वी अफ्रीका का व्यापार द्वार। दवाएँ, वाहन, स्टील और चावल ख़रीदता है; KEBS की लदान-पूर्व जाँच लागू।भारत से 2025-26US$ 4.02 बिलियन
ZARप्रिटोरिया (कार्यकारी राजधानी)दक्षिण अफ्रीकाअफ्रीका की सबसे औद्योगिक अर्थव्यवस्था। वाहन, दवाएँ, चावल और रसायन ख़रीदता है; विनियमित सामान के लिए NRCS मंज़ूरी।भारत से 2025-26US$ 7.01 बिलियन
CECPAMURपोर्ट लुईमॉरीशसगहरी भारतीय जड़ों वाला छोटा द्वीपीय बाज़ार, जहाँ CECPA 300 से अधिक उत्पादों को कवर करता है।भारत से 2025-26US$ 474 मिलियन
NGNअबुजानाइजीरियाअफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश और भारतीय दवाओं, वाहनों और मशीनरी का बड़ा ख़रीदार। Form M, SONCAP और NAFDAC नियम लागू।भारत से 2025-26US$ 3.13 बिलियन
