
अफ़्रीका
दक्षिण अफ्रीका को निर्यात
अफ्रीका की सबसे औद्योगिक अर्थव्यवस्था। वाहन, दवाएँ, चावल और रसायन ख़रीदता है; विनियमित सामान के लिए NRCS मंज़ूरी।
- राजधानी
- प्रिटोरिया (कार्यकारी राजधानी)
- मुद्रा
- ZAR
- भारत से व्यापार समझौता
- कोई नहीं
- मुख्य बंदरगाह
- Durban, Cape Town, Ngqura / Gqeberha (Port Elizabeth)
दक्षिण अफ्रीका का भारत के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं है; दक्षिणी अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU) के सामान्य शुल्क लागू होते हैं। यह भारतीय वाहनों, ऑटो पार्ट्स, दवाओं, चावल, रसायनों और जूतों का बड़ा बाज़ार है, और पड़ोसी देशों तक पहुँचने का आधार भी। डरबन और जोहान्सबर्ग के आसपास बड़ा भारतीय मूल समुदाय रहता है।
भारत से क्या ख़रीदता है
- वाहन, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी
- पेट्रोलियम उत्पाद और रसायन
- दवाएँ
- चावल, जूते, वस्त्र और परिधान
वहाँ के आयात नियम
- अनिवार्य विनिर्देशों वाले उत्पादों (जैसे बिजली का सामान, कुछ ऑटो पार्ट्स और निर्माण उत्पाद) के लिए बेचने से पहले NRCS से अनुमति-पत्र (Letter of Authority) चाहिए।
- पौधों और पादप उत्पादों के लिए दक्षिण अफ्रीका के कृषि विभाग का आयात परमिट और भारतीय फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र चाहिए।
- दवाओं का पंजीकरण SAHPRA में होना चाहिए; खाद्य लेबल दक्षिण अफ्रीकी लेबलिंग नियमों के अनुसार हों।
काम की बातें
- डरबन मुख्य प्रवेश बंदरगाह और भारतीय मूल के व्यापारी समुदाय का केंद्र है — ख़रीदार ढूँढने की शुरुआत के लिए अच्छी जगह।
- जोहान्सबर्ग का अफ्रीकाज़ बिग 7 खाद्य मेला खाद्य निर्यातकों के लिए उपयोगी है।
- कुछ भारतीय उत्पादों पर एंटी-डंपिंग शुल्क का ध्यान रखें; अपने HS कोड का शुल्क SARS से जाँचें।
व्यापार के आँकड़े
भारत से दक्षिण अफ्रीका को निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से (वित्त वर्ष, अप्रैल–मार्च), दुनिया से इस देश के आयात UN Comtrade से, और देश की बुनियादी जानकारी विश्व बैंक से।
- 2025-26 में भारत से निर्यात
- US$ 7.01 बिलियन हमारे 80 देशों में 16वाँ
- 2024-25 से बदलाव
- ↓ -6.1% US$ 7.46 बिलियन → US$ 7.01 बिलियन
- भारत के कुल निर्यात में हिस्सा
- 1.59%
- दुनिया से इसका आयात
- US$ 101.2 बिलियन 2024 · इसमें भारत का हिस्सा 7.76%
भारत यहाँ सबसे ज़्यादा क्या बेचता है
HS अध्याय के हिसाब से, 2025-26। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
किसकी माँग बढ़ रही है, किसकी घट रही है
वे अध्याय जिनमें भारत कम से कम US$ 5 मिलियन बेचता है। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- विस्फोटक, माचिसUS$ 27.7 मिलियन → US$ 58.3 मिलियन↑+110.3%
- लोहा और इस्पातUS$ 43.9 मिलियन → US$ 79.6 मिलियन↑+81.4%
- मशीनरीUS$ 368 मिलियन → US$ 521 मिलियन↑+41.6%
- लोहे और इस्पात का सामानUS$ 42.1 मिलियन → US$ 54.4 मिलियन↑+29.4%
- एल्युमिनियमUS$ 58.7 मिलियन → US$ 71.7 मिलियन↑+22.2%
- काग़ज़ और गत्ताUS$ 46.2 मिलियन → US$ 54 मिलियन↑+17.1%
- वाहन और पुर्ज़ेUS$ 1.63 बिलियन → US$ 1.87 बिलियन↑+15.1%
- दवाएँ और फ़ार्माUS$ 637 मिलियन → US$ 716 मिलियन↑+12.3%
↓ कम माँग
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामानUS$ 357 मिलियन → US$ 174 मिलियन↓-51.2%
- ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादUS$ 2.82 बिलियन → US$ 1.91 बिलियन↓-32.1%
- अनाज (चावल, गेहूँ, मक्का)US$ 97.8 मिलियन → US$ 87.8 मिलियन↓-10.2%
मौक़ा: यह देश दुनिया से क्या ख़रीदता है, और भारत से कितना
UN Comtrade में इस देश का अपना दर्ज आयात, 2024। वे अध्याय जिनमें दुनिया से ख़रीद और भारत से ख़रीद का अंतर सबसे बड़ा है।
हमारी उत्पाद गाइड जो यहाँ बिकती हैं
हर उत्पाद का भारत से इस देश को निर्यात, 2025-26।
निर्यात की 20 सबसे बड़ी चीज़ें
4-अंकीय HS लाइन, 2025-26। विवरण HS नामावली के अंग्रेज़ी नाम में, साथ में अध्याय हिंदी में।
भारत दक्षिण अफ्रीका से क्या ख़रीदता है
TradeStat के अनुसार भारत का इस देश से आयात, 2025-26, HS अध्याय के हिसाब से — यह देश आपका सप्लायर भी हो सकता है।
- भारत का आयात, 2025-26
- US$ 8.56 बिलियन US$ 10.5 बिलियन → US$ 8.56 बिलियन
- भारत का निर्यात, 2025-26
- US$ 7.01 बिलियन
- व्यापार संतुलन
- −US$ 1.55 बिलियन निर्यात घटा आयात
- आयात में बदलाव
- -18.8%
देश एक नज़र में
- जनसंख्या
- 64.7 मिलियन 2025
- GDP
- US$ 427.2 बिलियन 2025
- प्रति व्यक्ति GDP
- US$ 6,598 2025
- कुल आयात (सामान और सेवाएँ)
- US$ 126 बिलियन 2025
स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · World Bank — World Development Indicators · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
दक्षिण अफ्रीका को क्या भेजें
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शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजग़ैर-बासमती चावलभारी मात्रा वाला मुख्य अनाज, जो ज़्यादातर अफ़्रीका और बांग्लादेश जाता है। निर्यात 2024–25 में फिर खुला, पर अब अनुबंध APEDA में पंजीकृत कराने होते हैं।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.86 बिलियन ↓10.2%
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजबासमती चावलमूल्य के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा कृषि निर्यात। निर्यात मुक्त है, पर हर अनुबंध पहले APEDA में पंजीकृत कराना होता है।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.67 बिलियन ↓4.6%
निर्यात मुक्तखेती की उपजमसालेसाबुत, पिसे और मिश्रित मसाले। Spices Board पंजीकरण (CRES) अनिवार्य है; अवशेष और एथिलीन ऑक्साइड की जाँच तय करती है कि ख़रीदार टिकेंगे या नहीं।HS0904–0910निर्यात 2025-26US$ 3.12 बिलियन ↓5.1%
निर्यात मुक्तदवा और रसायनजेनेरिक दवाएँ (फ़ॉर्मूलेशन)गोलियाँ, कैप्सूल और इंजेक्शन; हर बाज़ार में उत्पाद पंजीकरण ज़रूरी है। सबसे ज़्यादा अमेरिका खरीदता है।HS3004निर्यात 2025-26US$ 21.9 बिलियन ↓0.7%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानऑटो पार्ट्स और पुर्ज़ेवाहन निर्माताओं और आफ़्टरमार्केट के लिए पुर्ज़े; ज़्यादातर अमेरिका, जर्मनी और इटली खरीदते हैं, लैटिन अमेरिका में भी अच्छी माँग।HS8708निर्यात 2025-26US$ 7.64 बिलियन ↑1.8%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानरेडीमेड वस्त्र (गारमेंट्स)ब्रांडों और रिटेल कंपनियों के लिए निटेड और वोवन कपड़े; बड़े खरीदार अमेरिका, ब्रिटेन, UAE और यूरोपीय संघ हैं।HS6109.10निर्यात 2025-26US$ 15.8 बिलियन ↓1.2%
निर्यात मुक्तचमड़ा और जूतेजूते-चप्पलआगरा, कानपुर और तमिलनाडु के चमड़े के जूते, सैंडल और बूट; अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी आगे।HS6403निर्यात 2025-26US$ 1.69 बिलियन ↓4.7%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानपंपकोयंबटूर, राजकोट और अहमदाबाद के कृषि, घरेलू और औद्योगिक पंप; अमेरिका आगे।HS8413निर्यात 2025-26US$ 1.6 बिलियन ↑5.2%
अफ़्रीका के और देश
KESनैरोबीकेन्यामोम्बासा के ज़रिए पूर्वी अफ्रीका का व्यापार द्वार। दवाएँ, वाहन, स्टील और चावल ख़रीदता है; KEBS की लदान-पूर्व जाँच लागू।भारत से 2025-26US$ 4.02 बिलियन
CECPAMURपोर्ट लुईमॉरीशसगहरी भारतीय जड़ों वाला छोटा द्वीपीय बाज़ार, जहाँ CECPA 300 से अधिक उत्पादों को कवर करता है।भारत से 2025-26US$ 474 मिलियन
EGPकाहिरामिस्रबड़ा उत्तर अफ्रीकी बाज़ार। हर खेप का लदान से पहले मिस्र की ACI प्रणाली पर पूर्व-पंजीकरण ज़रूरी।भारत से 2025-26US$ 3.87 बिलियन
NGNअबुजानाइजीरियाअफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश और भारतीय दवाओं, वाहनों और मशीनरी का बड़ा ख़रीदार। Form M, SONCAP और NAFDAC नियम लागू।भारत से 2025-26US$ 3.13 बिलियन
