
अफ़्रीका
मॉरीशस को निर्यात
गहरी भारतीय जड़ों वाला छोटा द्वीपीय बाज़ार, जहाँ CECPA 300 से अधिक उत्पादों को कवर करता है।
- राजधानी
- पोर्ट लुई
- मुद्रा
- MUR
- भारत से व्यापार समझौता
- India–Mauritius Comprehensive Economic Cooperation and Partnership Agreement (CECPA) 1 April 2021
- मुख्य बंदरगाह
- Port Louis, Sir Seewoosagur Ramgoolam International Airport
ज़्यादातर मॉरीशसवासी भारतीय मूल के हैं, इसलिए भारतीय खाद्य, मसालों, कपड़ों और त्योहारी सामान का स्वाभाविक बाज़ार है। यह द्वीप अपना लगभग सारा ईंधन, खाद्य और निर्मित सामान आयात करता है। मात्रा छोटी है, जो बाज़ार परखने वाले नए निर्यातकों के लिए ठीक है।
किसी अफ्रीकी देश के साथ भारत का पहला व्यापार समझौता। यह 300 से अधिक भारतीय निर्यात उत्पादों को रियायती पहुँच देता है, जिनमें खाद्य, कृषि उत्पाद, वस्त्र, धातुएँ, बिजली का सामान, प्लास्टिक और रसायन शामिल हैं (PIB, फ़रवरी 2026)। CECPA उत्पत्ति प्रमाणपत्र लगाएँ।
भारत से क्या ख़रीदता है
- पेट्रोलियम उत्पाद
- चावल, मसाले, प्याज़ और प्रसंस्कृत खाद्य
- दवाएँ, सूती धागा और वस्त्र
- मशीनरी, वाहन और निर्माण सामग्री
वहाँ के आयात नियम
- खाद्य आयात स्वास्थ्य मंत्रालय के खाद्य निरीक्षक मंज़ूर करते हैं; पौधों और पादप उत्पादों के लिए आयात परमिट और भारतीय फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र चाहिए।
- लेबल आम तौर पर अंग्रेज़ी या फ़्रेंच में होते हैं।
- सीमा शुल्क मॉरीशस राजस्व प्राधिकरण संभालता है; आयात के समय उत्पत्ति प्रमाणपत्र दिखाकर CECPA दरें लें।
काम की बातें
- माल अक्सर ट्रांसशिपमेंट से जाता है, इसलिए अतिरिक्त समय रखें; छोटे ऑर्डरों को साझा कंटेनरों में जोड़ें।
- दीवाली, महाशिवरात्रि और दूसरे त्योहारों पर भारतीय सामान की माँग बढ़ती है।
- मॉरीशस मेडागास्कर और पूर्वी अफ्रीका के साथ कुछ कारोबार का प्रवेश द्वार भी है।
व्यापार के आँकड़े
भारत से मॉरीशस को निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से (वित्त वर्ष, अप्रैल–मार्च), दुनिया से इस देश के आयात UN Comtrade से, और देश की बुनियादी जानकारी विश्व बैंक से।
- 2025-26 में भारत से निर्यात
- US$ 474 मिलियन हमारे 30 देशों में 30वाँ
- 2024-25 से बदलाव
- ↓ -30% US$ 676 मिलियन → US$ 474 मिलियन
- भारत के कुल निर्यात में हिस्सा
- 0.11%
- दुनिया से इसका आयात
- US$ 6.65 बिलियन 2024 · इसमें भारत का हिस्सा 11.14%
भारत यहाँ सबसे ज़्यादा क्या बेचता है
HS अध्याय के हिसाब से, 2025-26। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
किसकी माँग बढ़ रही है, किसकी घट रही है
वे अध्याय जिनमें भारत कम से कम US$ 5 मिलियन बेचता है। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- लोहा और इस्पातUS$ 6.5 मिलियन → US$ 13.1 मिलियन↑+100.8%
- सब्ज़ियाँUS$ 5.5 मिलियन → US$ 9.9 मिलियन↑+81.3%
- मांसUS$ 13.3 मिलियन → US$ 23.9 मिलियन↑+80.2%
- घरेलू कपड़ा सामानUS$ 5.7 मिलियन → US$ 7.2 मिलियन↑+25.4%
- मछली और समुद्री भोजनUS$ 15.7 मिलियन → US$ 18 मिलियन↑+14.7%
- कॉफ़ी, चाय, मसालेUS$ 5.1 मिलियन → US$ 5.8 मिलियन↑+13.6%
↓ कम माँग
- उपकरण, चिकित्सा यंत्रUS$ 14.7 मिलियन → US$ 6 मिलियन↓-59.3%
- कपास और सूती धागा-कपड़ाUS$ 43.4 मिलियन → US$ 23.3 मिलियन↓-46.2%
- मशीनरीUS$ 25.7 मिलियन → US$ 17 मिलियन↓-33.8%
- प्लास्टिकUS$ 13.4 मिलियन → US$ 10.9 मिलियन↓-18.4%
- सिले हुए वस्त्र (वोवन)US$ 34.6 मिलियन → US$ 30.3 मिलियन↓-12.6%
मौक़ा: यह देश दुनिया से क्या ख़रीदता है, और भारत से कितना
UN Comtrade में इस देश का अपना दर्ज आयात, 2024। वे अध्याय जिनमें दुनिया से ख़रीद और भारत से ख़रीद का अंतर सबसे बड़ा है।
हमारी उत्पाद गाइड जो यहाँ बिकती हैं
हर उत्पाद का भारत से इस देश को निर्यात, 2025-26।
निर्यात की 20 सबसे बड़ी चीज़ें
4-अंकीय HS लाइन, 2025-26। विवरण HS नामावली के अंग्रेज़ी नाम में, साथ में अध्याय हिंदी में।
भारत मॉरीशस से क्या ख़रीदता है
TradeStat के अनुसार भारत का इस देश से आयात, 2025-26, HS अध्याय के हिसाब से — यह देश आपका सप्लायर भी हो सकता है।
- भारत का आयात, 2025-26
- US$ 99 मिलियन US$ 211 मिलियन → US$ 99 मिलियन
- भारत का निर्यात, 2025-26
- US$ 474 मिलियन
- व्यापार संतुलन
- +US$ 375 मिलियन निर्यात घटा आयात
- आयात में बदलाव
- -53%
देश एक नज़र में
- जनसंख्या
- 1.2 मिलियन 2025
- GDP
- US$ 16.2 बिलियन 2025
- प्रति व्यक्ति GDP
- US$ 12,991 2025
- कुल आयात (सामान और सेवाएँ)
- US$ 12.1 बिलियन 2025
स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · World Bank — World Development Indicators · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
मॉरीशस को क्या भेजें
सभी उत्पाद →
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजग़ैर-बासमती चावलभारी मात्रा वाला मुख्य अनाज, जो ज़्यादातर अफ़्रीका और बांग्लादेश जाता है। निर्यात 2024–25 में फिर खुला, पर अब अनुबंध APEDA में पंजीकृत कराने होते हैं।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.86 बिलियन ↓10.2%
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजबासमती चावलमूल्य के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा कृषि निर्यात। निर्यात मुक्त है, पर हर अनुबंध पहले APEDA में पंजीकृत कराना होता है।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.67 बिलियन ↓4.6%
निर्यात मुक्तखेती की उपजमसालेसाबुत, पिसे और मिश्रित मसाले। Spices Board पंजीकरण (CRES) अनिवार्य है; अवशेष और एथिलीन ऑक्साइड की जाँच तय करती है कि ख़रीदार टिकेंगे या नहीं।HS0904–0910निर्यात 2025-26US$ 3.12 बिलियन ↓5.1%
निर्यात मुक्तखेती की उपजताज़ा प्याज़एशिया और खाड़ी को भारी मात्रा में ताज़ा निर्यात। नीति घरेलू दामों के साथ बदलती है — हर सीज़न से पहले DGFT और CBIC जाँचें।HS0703.10निर्यात 2025-26US$ 430 मिलियन ↓8.3%
निर्यात मुक्तप्रोसेस्ड खाद्यप्रसंस्कृत खाद्यनमकीन, अचार, रेडी-टू-ईट भोजन, सॉस, बिस्कुट और मिक्स। FSSAI लाइसेंस के साथ ख़रीदार देश के लेबल और पंजीकरण नियम।HS19–21निर्यात 2025-26US$ 4.19 बिलियन ↑8.9%
निर्यात मुक्तदवा और रसायनजेनेरिक दवाएँ (फ़ॉर्मूलेशन)गोलियाँ, कैप्सूल और इंजेक्शन; हर बाज़ार में उत्पाद पंजीकरण ज़रूरी है। सबसे ज़्यादा अमेरिका खरीदता है।HS3004निर्यात 2025-26US$ 21.9 बिलियन ↓0.7%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानसूती धागा (कॉटन यार्न)विदेशी बुनाई और निटिंग मिलों को थोक में बिकने वाला सूती धागा; सबसे बड़ा खरीदार बांग्लादेश है।HS5205निर्यात 2025-26US$ 3.22 बिलियन ↓4.1%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानरेडीमेड वस्त्र (गारमेंट्स)ब्रांडों और रिटेल कंपनियों के लिए निटेड और वोवन कपड़े; बड़े खरीदार अमेरिका, ब्रिटेन, UAE और यूरोपीय संघ हैं।HS6109.10निर्यात 2025-26US$ 15.8 बिलियन ↓1.2%
अफ़्रीका के और देश
KESनैरोबीकेन्यामोम्बासा के ज़रिए पूर्वी अफ्रीका का व्यापार द्वार। दवाएँ, वाहन, स्टील और चावल ख़रीदता है; KEBS की लदान-पूर्व जाँच लागू।भारत से 2025-26US$ 4.02 बिलियन
ZARप्रिटोरिया (कार्यकारी राजधानी)दक्षिण अफ्रीकाअफ्रीका की सबसे औद्योगिक अर्थव्यवस्था। वाहन, दवाएँ, चावल और रसायन ख़रीदता है; विनियमित सामान के लिए NRCS मंज़ूरी।भारत से 2025-26US$ 7.01 बिलियन
EGPकाहिरामिस्रबड़ा उत्तर अफ्रीकी बाज़ार। हर खेप का लदान से पहले मिस्र की ACI प्रणाली पर पूर्व-पंजीकरण ज़रूरी।भारत से 2025-26US$ 3.87 बिलियन
