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कर वापसी

LUT

GST के तहत शून्य-दर निर्यात के लिए वचन-पत्र (LUT)

साल में एक बार फ़ॉर्म GST RFD-11 में LUT दाखिल करके IGST चुकाए बिना माल निर्यात करें।

मौजूदा स्थिति

CGST नियम, 2017 के नियम 96A के तहत लागू। एक बार में एक वित्त वर्ष के लिए मान्य।

gst.gov.in ↗

क्या मिलता है

निर्यात पर IGST का भुगतान नहीं, इसलिए नकदी नहीं फँसती। जमा हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिफ़ंड लिया जा सकता है।

कौन ले सकता है

हर GST-पंजीकृत निर्यातक, सिवाय उस व्यक्ति के जिस पर CBIC अधिसूचना में तय सीमा से अधिक कर चोरी के लिए मुकदमा चला हो।

दावा कैसे करें

  1. gst.gov.in पर Services → User Services → Furnish Letter of Undertaking पर जाएँ।
  2. वित्त वर्ष चुनें, दो गवाहों का ब्योरा भरें, DSC या EVC से हस्ताक्षर करके जमा करें।
  3. हर निर्यात इनवॉइस पर LUT का उल्लेख करें।

ध्यान रखें

  • माल इनवॉइस के तीन महीने के भीतर निर्यात होना चाहिए और भुगतान RBI की समय-सीमा में आना चाहिए, वरना ब्याज सहित IGST देना होगा (CGST नियमों का नियम 96A)।
  • LUT हर 31 मार्च को समाप्त हो जाता है — हर साल नया दाखिल करें।
स्रोत (3)
  1. GST portal
  2. CBIC GST — CGST Rules (rule 96A)
  3. RBI FEMA 23(R)/2026-RB — realisation period

जिन उत्पादों पर यह लागू है

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