
हस्तशिल्प
वाद्य यंत्र का निर्यात
मिरज, कोलकाता, वाराणसी और पीलीभीत के हाथ से बने सितार, तबले, बाँसुरी, हारमोनियम और ड्रम।
- HS कोड
- 9201 अध्याय 92 के वाद्य यंत्र: पियानो (9201), तार वाले वाद्य जैसे सितार, वायलिन और वीणा (9202), फूँक वाले वाद्य जैसे बाँसुरी और शहनाई (9205), ताल वाद्य जैसे तबला, ड्रम और ढोलक (9206), बिजली वाले वाद्य (9207) और पुर्ज़े तथा तार (9209)।
- निर्यात नीति
- निर्यात मुक्त ITC(HS) अनुसूची 2 के तहत निर्यात मुक्त है। जिन वाद्यों में वन्यजीवों के अंग (हाथीदाँत, कुछ खालें, हड्डी या सीप) या प्रतिबंधित लकड़ी लगी हो, उनका मामला अलग है — निर्यात से पहले वन्यजीव और CITES नियम जाँचें।
- पंजीकरण
- 3 IEC, GST और नीचे दिए गए
- 2025-26 में भारत का निर्यात
- US$ 51.2 मिलियन 55 देशों को
क्या निर्यात होता है
भारत हाथ से बने शास्त्रीय और लोक वाद्य (सितार, तानपुरा, वीणा, तबला, हारमोनियम, बाँसुरी, शहनाई, ढोलक), ताल वाद्य और अभ्यास ड्रम, तथा कुछ बैंड वाद्य निर्यात करता है। खरीदार संगीत की दुकानें, विश्व-संगीत आयातक, योग और वेलनेस रिटेलर तथा ऑनलाइन विक्रेता हैं। 2025-26 में भारत ने अध्याय 92 के लगभग 5.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के वाद्य यंत्र निर्यात किए; UAE, जर्मनी, अमेरिका, चीन और मलेशिया आगे रहे।
क़िस्में, ग्रेड और रूप
- तार वाले वाद्यसितार, तानपुरा, सरोद, वीणा, वायलिन और संतूर (HS 9202)।
- ताल वाद्यतबला, ढोलक, मृदंगम, जेम्बे जैसे ड्रम और फ़्रेम ड्रम (HS 9206)।
- फूँक वाले वाद्यबाँसुरी, शहनाई और पीतल के बैंड वाद्य (HS 9205)।
- हारमोनियम और पुर्ज़ेहाथ के हारमोनियम (की-बोर्ड या रीड वाद्यों में वर्गीकृत — कोड पक्का करें) और तार तथा पुर्ज़े (HS 9209)।
कहाँ उगता या बनता है
- महाराष्ट्रमिरज (सांगली) — सितार और तानपुरा निर्माता
- पश्चिम बंगालकोलकाता — सितार, सरोद, हारमोनियम और तबले
- उत्तर प्रदेशवाराणसी (तबला, शहनाई), पीलीभीत (बाँसुरी), मेरठ (पीतल के बैंड वाद्य)
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेशतंजावुर (वीणा, मृदंगम) और बोब्बिली (वीणा)
- दिल्लीदरियागंज और अन्य कार्यशालाएँ — हारमोनियम और ताल वाद्य
ख़रीदार किस गुणवत्ता की माँग करते हैं
- लकड़ी
- पकी हुई लकड़ी (तुन, शीशम, कटहल, बाँसुरी के लिए बाँस), प्रजाति घोषित
- सुर और स्वर
- A=440 Hz या खरीदार के स्वर पर; बाँसुरी और हारमोनियम सुर के अनुसार (जैसे C, D, G)
- पुड़ी और तार
- चमड़े की पुड़ी समान रूप से कसी; बताए गेज के स्टील या कांसे के तार
- फ़िनिश
- चिकनी, दरार-रहित फ़िनिश, विष-रहित लाह के साथ
प्रमाणपत्र
- CITES permit (where applicable)अक्सर माँगा जाता हैकेवल उन वाद्यों के लिए ज़रूरी जिनमें ऐसी CITES-सूचीबद्ध प्रजातियाँ हों जो किसी छूट में न आएँ; निर्यात से पहले जाँचें।
- Lacey Act declaration (USA)ज़रूरीलकड़ी के वाद्यों के लिए; आपकी प्रजाति जानकारी से अमेरिकी आयातक दाखिल करता है।
- ISPM 15ज़रूरीलकड़ी के क्रेट और पैकिंग के लिए।
- GI authorised userअक्सर माँगा जाता हैमिरज सितार या बनारस तबला जैसे नामों से बेचने के लिए।
शिपिंग, भंडारण और टिकाऊपन
छोटे ऑर्डर ज़्यादातर कार्टनों में हवाई या कूरियर से; ताल वाद्य और हारमोनियम के बड़े ऑर्डर के लिए कंसॉलिडेटेड LCL समुद्री भाड़ा।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई से हवाई; न्हावा शेवा, कोलकाता या चेन्नई से समुद्र।
स्थिर तापमान और नमी में रखें; लंबे भंडारण के लिए तार ढीले करें।
पैक और कार्टन पर क्या लिखें
- वाद्य या केस पर निर्माता का नाम, मॉडल, सुर और "Made in India"।
- कार्टन चिह्न: "नाज़ुक", "इस तरफ़ ऊपर", आइटम कोड, संख्या और वज़न।
- देखभाल और सुर मिलाने के निर्देश अंग्रेज़ी में (और रिटेल हो तो खरीदार की भाषा में)।
वाद्यों का मूल्यांकन प्रयोगशाला जाँच से नहीं, बजाकर होता है। लकड़ी की प्रजाति पहचान के लिए वन अनुसंधान संस्थान (देहरादून) या NABL-मान्य लकड़ी प्रयोगशाला इस्तेमाल करें; EPCH सदस्यों को निर्यात नियमों पर सलाह दे सकती है।
इस उत्पाद के निर्यात के लाभ
- RoDTEP: FOB का 0.5%
टैरिफ़ मद 9202 90 00 (अन्य तार वाले वाद्य, जैसे सितार) पर FOB मूल्य का 0.5%, बिना रुपये की सीमा के, ICEGATE पर ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप के रूप में मिलता है। परिशिष्ट 4R में अध्याय 92 की हर लाइन पर 0.5%, जिसमें ताल वाद्य (9206 00 00) और तार तथा पुर्ज़े (9209) शामिल हैं। ये दरें 31 दिसंबर 2026 तक जारी हैं (DGFT अधिसूचना 41/2026-27)। ऑर्डर की कीमत तय करने से पहले DGFT के RoDTEP पेज पर अपनी सही 8 अंकों वाली लाइन की पुष्टि करें।
DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10.10.2024 (Notification 32/2024-25); rates continued to 31.12.2026 by Notification 41/2026-27 ↗ - ड्यूटी ड्रॉबैक: FOB का 1.2%
ड्रॉबैक मद 9202 (अन्य तार वाले वाद्य यंत्र) की ऑल इंडस्ट्री रेट FOB का 1.2% है, जो सीधे आपके बैंक खाते में आती है। अग्रिम प्राधिकार के तहत या EOU/SEZ इकाइयों से हुए निर्यात पर यह नहीं मिलती। हेडिंग 9201, 9205, 9206, 9207 और 9209 पर भी 1.2%। शिपमेंट से पहले CBIC के ड्रॉबैक पेज पर वर्तमान अनुसूची जाँचें।
Gazette of India — Notification 77/2023-Customs (N.T.) dated 20.10.2023: All Industry Rates of duty drawback ↗ - पंजीकृत GI टैग
मिरज सितार और मिरज तानपुरा (महाराष्ट्र), तंजावुर वीणई (तमिलनाडु), बोब्बिली वीणा (आंध्र प्रदेश), बनारस तबला, बनारस शहनाई और पीलीभीत बाँसुरी (उत्तर प्रदेश) पंजीकृत भौगोलिक संकेतक (GI) हैं। इन नामों से केवल पंजीकृत उत्पादक और अधिकृत उपयोगकर्ता ही बेच सकते हैं, जिससे असली उत्पादक अलग पहचाने जाते हैं और बेहतर दाम पाते हैं।
IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications ↗
कहाँ पंजीकरण कराएँ
- EPCHहाथ से बने वाद्य यंत्र EPCH के विविध हस्तशिल्प के तहत आते हैं; RCMC वहीं से लें।epch.in ↗
गुणवत्ता और जाँच
- लकड़ी और वन्यजीव: शीशम, आबनूस या पशु-अंगों वाले वाद्य — CITES स्थिति जाँचें; शीशम (डलबर्जिया) के वाद्यों पर विशेष CITES नियम हैं, और हाथीदाँत या संरक्षित प्रजातियों वाले उत्पाद निर्यात नहीं किए जा सकते।
- अमेरिका: लकड़ी के वाद्यों के लिए प्रजाति के नाम के साथ लेसी एक्ट घोषणा।
- चमड़े की पुड़ी वाले वाद्यों (तबला, ढोलक) की कुछ देशों में पशु-उत्पाद जाँच हो सकती है — आयातक से पूछें।
- पैकिंग से पहले सुर और बजाने लायक होने की जाँच; खरीदार अक्सर हर वाद्य को बजाते हुए छोटा वीडियो माँगते हैं।
मिरज, कोलकाता या वाराणसी की किसी पारिवारिक कार्यशाला के साथ काम करें, कुछ लोकप्रिय वस्तुओं (तबला सेट, हारमोनियम, बाँसुरी) से शुरुआत करें और विदेश की विश्व-संगीत दुकानों या ऑनलाइन बाज़ारों के ज़रिए बेचें। पहले कठोर केस और नमी-रोधी पैक के साथ छोटे कार्टन हवाई जहाज़ या कूरियर से भेजें।
जहाँ नए निर्यातक चूकते हैं
- रास्ते में नमी बदलने से दरार और टेढ़ापन — लकड़ी को अच्छी तरह पकाएँ और नमी नियंत्रण के साथ पैक करें।
- वन्यजीव कानून जाँचे बिना हड्डी, हाथीदाँत जैसी या सीप की जड़ाई लगाना — माल ज़ब्त होता है और निर्यातक पर मुकदमा चलता है।
- सितार और तानपुरा जैसे लंबी गर्दन वाले वाद्यों की कमज़ोर पैकिंग — टूट-फूट के दावे पूरा मुनाफ़ा खा जाते हैं।
इसके लिए ख़ास दस्तावेज़
लागू योजनाएँ
स्रोत (7)
- Department of Commerce, Export Import Data Bank — India's exports of HS 92 by country, 2025-26
- DGFT — Appendix 2T: Export Promotion Councils and the products under each
- DGFT — ITC(HS) export policy search (Schedule 2)
- EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts) — official site
- CITES — Convention on International Trade in Endangered Species (checklist and appendices)
- USDA APHIS — Lacey Act plant declaration
- IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications
व्यापार के आँकड़े
भारत से वाद्य यंत्र का निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से, हर देश के लिए। US$ में, वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च)।
- 2025-26 में निर्यात
- US$ 51.2 मिलियन 2020-21 से 2025-26 तक हर साल औसतन +18%
- 2024-25 से बदलाव
- ↑ +17% US$ 43.8 मिलियन → US$ 51.2 मिलियन
- ख़रीदार देश
- 55
- औसत निर्यात मूल्य
- US$ 21.63 प्रति किलो · 2,369 टन भेजा गया · पिछले साल US$ 18.54
दाम का चक्र
भारत के निर्यात का औसत दाम प्रति किलो, हर साल (कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा)। सबसे ऊँचा 2025-26 में, सबसे नीचा 2020-21 में — ऊपर-नीचे का फ़र्क़ 57%। दाम तय करते समय यह झूला याद रखें।
आगे क्या: रुझान से अनुमान
पिछले सालों के रुझान को आगे बढ़ाकर बनाया गया अनुमान — किसी सरकारी संस्था का पूर्वानुमान नहीं। नीति, दाम या माँग का अचानक बदलाव इसमें शामिल नहीं है।
संभावित दायरा US$ 55.4 मिलियन से US$ 89.4 मिलियन।
- रुझान
- +14.4% प्रति वर्ष
- फ़िट (R²)
- 0.76
- आधार
- 6 साल के आधिकारिक आँकड़े
तरीका: सालाना निर्यात के लघुगणक पर सीधी रेखा (लॉग-लीनियर रिग्रेशन), दायरा ±1 मानक त्रुटि।
सबसे बड़े ख़रीदार देश
2025-26 में मूल्य के हिसाब से। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
कहाँ माँग बढ़ रही है, कहाँ घट रही है
केवल वे देश जो कम से कम US$ 1 मिलियन या भारत के इस निर्यात का 1% ख़रीदते हैं। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- सिंगापुरUS$ 1 मिलियन → US$ 2.1 मिलियन↑+98.1%
- केन्याUS$ 930 हज़ार → US$ 1.7 मिलियन↑+80.6%
- यूनाइटेड किंगडमUS$ 1.3 मिलियन → US$ 2.1 मिलियन↑+61.5%
- पनामाUS$ 730 हज़ार → US$ 1.1 मिलियन↑+53.4%
- संयुक्त अरब अमीरातUS$ 5.9 मिलियन → US$ 8.5 मिलियन↑+44.5%
- मलेशियाUS$ 2.2 मिलियन → US$ 3.1 मिलियन↑+40.4%
- मेक्सिकोUS$ 890 हज़ार → US$ 1.1 मिलियन↑+28.1%
- ब्राज़ीलUS$ 1.1 मिलियन → US$ 1.3 मिलियन↑+15.3%
↓ कम माँग
इस साल कोई बड़ा देश इस सूची में नहीं आया।
किस रूप में कितना जाता है, और किस दाम पर
भारत का निर्यात 8-अंकीय टैरिफ़ लाइन के हिसाब से, 2025-26। औसत दाम = कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा (TradeStat), यानी एक लाइन के सभी शिपमेंट का औसत — किसी एक सौदे का दाम नहीं।
| टैरिफ़ लाइन | मूल्य 2025-26 | बदलाव | मात्रा | औसत दाम |
|---|---|---|---|---|
Keyboard instruments,other than accordions9207 10 00 · Musical instruments, keyboard,, the sound of which is produced or must be amplified electrically | US$ 26.2 मिलियन | ↑+36.1% | 276 हज़ार नग | US$ 94.92 प्रति नगपिछले साल US$ 89.59 |
Other string musical instruments9202 90 00 · Musical instruments, string, played other than with a bow | US$ 9.2 मिलियन | ↑+8% | 224 हज़ार नग | US$ 41.30 प्रति नगपिछले साल US$ 39.38 |
Parts and accessories for the musical instruments of headng no.92029209 92 00 · Musical instruments, parts and accessories for string musical instruments other than keyboard instruments | US$ 6.7 मिलियन | ↓-8.7% | 863 टन | US$ 7.81 प्रति किलोपिछले साल US$ 8.41 |
Percussion musical instrmnt(for exmpl, drumsxylophones,cymbals,castanets, maraccas)9206 00 00 · Musical instruments, percussion | US$ 2.4 मिलियन | ↑+3.1% | 617 हज़ार नग | US$ 3.82 प्रति नगपिछले साल US$ 6.51 |
Other prtsandaccssors of musical instruments9209 99 00 · Musical instruments, parts and accessories for musical instruments in heading no. 9209, metronomes, tuning… | US$ 2.2 मिलियन | ↓-3.1% | 128 टन | US$ 17.33 प्रति किलोपिछले साल US$ 21.51 |
Other musical instruments of hdg 92079207 90 00 · Musical instruments,, the sound of which is produced or must be amplified electrically | US$ 1.6 मिलियन | ↓-3% | 82 हज़ार नग | US$ 19.54 प्रति नगपिछले साल US$ 28.48 |
All other wind musical instruments9205 90 90 · Musical instruments, wind, other than brass,, other than fairground organs and mechanical street organs | US$ 1.6 मिलियन | ↑+18.2% | 29 हज़ार नग | US$ 53.76 प्रति नगपिछले साल US$ 3.71 |
Musical instrument strings9209 30 00 · Musical instrument strings | US$ 410 हज़ार | ↑+412.5% | 3.9 टन | US$ 103.88 प्रति किलोपिछले साल US$ 13.33 |
Musical instruments, harpsichords and other keyboard stringed instruments in heading no. 9201 — other pianos9201 90 00 | US$ 260 हज़ार | ↓-36.6% | 19 हज़ार नग | US$ 13.64 प्रति नगपिछले साल US$ 40.50 |
Strng musical instruments played with a bow9202 10 00 · Musical instruments, string, played with a bow | US$ 210 हज़ार | ↓-19.2% | 2 हज़ार नग | US$ 90.75 प्रति नगपिछले साल US$ 96.69 |
Parts and accessories for the musical instruments of heading no.92079209 94 00 · Musical instruments, parts and accessories for the musical instruments the sound of which is produced or… | US$ 180 हज़ार | ↑+63.6% | 5.8 टन | US$ 30.94 प्रति किलोपिछले साल US$ 29.19 |
Musical instruments, brass-wind, other than fairground organs and mechanical street organs — brass-wind instruments9205 10 00 | US$ 130 हज़ार | ↑0% | 6 हज़ार नग | US$ 20.67 प्रति नगपिछले साल US$ 13.12 |
Musical instruments, wind, other than brass,, other than fairground organs and mechanical street organs — flutes9205 90 10 | US$ 60 हज़ार | ↓-33.3% | 107 हज़ार नग | US$ 0.56 प्रति नगपिछले साल US$ 0.61 |
Musical instruments, pianos, upright, including automatic pianos — upright pianos9201 10 00 | US$ 50 हज़ार | — | 2 हज़ार नग | US$ 29.26 प्रति नग |
दुनिया का बाज़ार
UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज निर्यात और आयात, 2023 (वह नवीनतम साल जिसका लगभग सभी देशों ने आँकड़ा भेजा है)।
- दुनिया का कुल आयात
- US$ 7.37 बिलियन 2023
- निर्यातकों में भारत
- #21 151 देशों में
- दुनिया के निर्यात में भारत का हिस्सा
- 0.6% US$ 42.6 मिलियन
- बाक़ी दुनिया का हिस्सा
- US$ 7.64 बिलियन दूसरे देशों का निर्यात
सबसे बड़े निर्यातक — आपके प्रतियोगी
- 1चीनUS$ 1.96 बिलियन 25.5%
- 2जर्मनीUS$ 1.1 बिलियन 14.2%
- 3अमेरिकाUS$ 910 मिलियन 11.8%
- 4इंडोनेशियाUS$ 649 मिलियन 8.4%
- 5जापानUS$ 622 मिलियन 8.1%
- 6नीदरलैंडUS$ 313 मिलियन 4.1%
- 7फ़्रांसUS$ 302 मिलियन 3.9%
- 8मलेशियाUS$ 236 मिलियन 3.1%
- 9अन्य एशिया (ताइवान)US$ 170 मिलियन 2.2%
- 10इटलीUS$ 169 मिलियन 2.2%
दुनिया के सबसे बड़े ख़रीदार
- 1अमेरिकाUS$ 1.58 बिलियन 21.5%
- 2जर्मनीUS$ 800 मिलियन 10.9%
- 3जापानUS$ 499 मिलियन 6.8%
- 4चीनUS$ 498 मिलियन 6.8%
- 5यूनाइटेड किंगडमUS$ 362 मिलियन 4.9%
- 6फ़्रांसUS$ 339 मिलियन 4.6%
- 7नीदरलैंडUS$ 315 मिलियन 4.3%
- 8कनाडाUS$ 235 मिलियन 3.2%
- 9दक्षिण कोरियाUS$ 208 मिलियन 2.8%
- 10ऑस्ट्रेलियाUS$ 177 मिलियन 2.4%
मौक़ा: ये देश दुनिया से कितना ख़रीदते हैं, और भारत से कितना
UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज आयात, देश के नवीनतम वर्ष का। लंबी हल्की पट्टी वह माँग है जो अभी दूसरे देश पूरी कर रहे हैं।
2023-24 की मात्रा TradeStat में दोगुनी दर्ज है, इसलिए वह साल औसत मूल्य में नहीं लिया गया। स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
कदम-दर-कदम
वाद्य यंत्र का निर्यात कैसे करें
वाद्य यंत्रों के विश्व व्यापार में चीन का दबदबा है, और कारखाने में बने पियानो, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक वाद्यों में जापान, जर्मनी, अमेरिका और इंडोनेशिया आते हैं। भारत की ताकत हाथ से बने शास्त्रीय और लोक वाद्य हैं, जिनका भारतीय संगीत के विद्यार्थियों, विश्व-संगीत वादकों और वेलनेस तथा ध्वनि-चिकित्सा क्षेत्र में पक्का बाज़ार है। माँग बड़ी नहीं पर स्थिर है और विदेश में योग, कीर्तन और फ़्यूज़न संगीत के साथ बढ़ती है। गुणवत्ता में बहुत अंतर है, इसलिए एक-सा सुर, अच्छी फ़िनिश और भरोसेमंद पैकिंग देने वाले निर्माता अलग दिखते हैं। अवसर विद्यार्थी-स्तर के वाद्यों में, विश्व-संगीत दुकानों के लिए ताल वाद्य और ड्रम में, और वादकों को सीधे ऑनलाइन बिक्री में हैं।
- 01निर्माता चुनें
ऐसी कार्यशालाओं के साथ काम करें जो आपकी चुनी श्रेणी में एक-सी गुणवत्ता दे सकें।
- 02सामग्री जाँचें
लकड़ी की प्रजाति पक्की करें और वन्यजीव अंगों से बचें; खरीद का रिकॉर्ड रखें।
- 03पंजीकरण
IEC, GST LUT और EPCH से RCMC।
- 04जाँच और वीडियो
हर वाद्य का सुर मिलाकर बजाकर जाँचें; खरीदार के लिए छोटा वीडियो बनाएँ।
- 05पैक करें
केस, फ़ोम और पाँच-परत कार्टन; तार ढीले करें; नमी-नियंत्रक पैक रखें।
- 06भेजें और लाभ लें
शिपिंग बिल दाखिल करें, RoDTEP (0.5%) और ड्रॉबैक (1.2%) लें।
ख़रीदारों से मिलें
व्यापार मेले
सवाल-जवाब
वाद्य यंत्र के निर्यात पर सवाल
क्या शीशम के सितार के लिए CITES परमिट चाहिए?
वाद्य यंत्र किस परिषद के तहत आते हैं?
विदेश में वाद्यों को फटने से कैसे रोकूँ?
कौन-से GI टैग मदद करते हैं?
क्या विदेशी ऑनलाइन बाज़ारों से बेच सकता हूँ?
स्रोत (7)
- EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts) — official site
- CITES — Convention on International Trade in Endangered Species (checklist and appendices)
- USDA APHIS — Lacey Act plant declaration
- IPPC — ISPM 15, Regulation of wood packaging material in international trade
- IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications
- DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10.10.2024 (Notification 32/2024-25); rates continued to 31.12.2026 by Notification 41/2026-27
- Gazette of India — Notification 77/2023-Customs (N.T.) dated 20.10.2023: All Industry Rates of duty drawback
वाद्य यंत्र कौन ख़रीदता है
सभी देश →
CEPAAEDअबू धाबीसंयुक्त अरब अमीरातखाड़ी में भारत का सबसे बड़ा ख़रीदार और पश्चिम एशिया व अफ्रीका के लिए पुनर्निर्यात का केंद्र। CEPA 2022 से लागू है।भारत से 2025-26US$ 37.4 बिलियन
EURबर्लिनजर्मनीयूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और EU में भारत का सबसे बड़ा साझेदार। गुणवत्ता, प्रमाणपत्र और आपूर्ति-श्रृंखला की पारदर्शिता को महत्व देता है।भारत से 2025-26US$ 11.5 बिलियन
USDवॉशिंगटन डी.सी.संयुक्त राज्य अमेरिकाभारत का सबसे बड़ा एकल-देश निर्यात बाज़ार। खाद्य के लिए FDA के सख़्त नियम; जुलाई 2026 से ज़्यादातर माल पर 10% अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क।भारत से 2025-26US$ 87.3 बिलियन
APTACNYबीजिंगचीनविशाल बाज़ार, पर ज़्यादातर कच्चे माल के लिए। खाद्य संयंत्रों का GACC में पंजीकरण ज़रूरी; ताज़ी उपज के लिए प्रोटोकॉल चाहिए।भारत से 2025-26US$ 19.5 बिलियन
CECAMYRकुआलालंपुरमलेशियाबड़े भारतीय मूल समुदाय वाला बहु-जातीय बाज़ार। खाद्य के लिए हलाल की अपेक्षा; CECA और AITIGA दोनों लागू।भारत से 2025-26US$ 6.83 बिलियन
CETAGBPलंदनयूनाइटेड किंगडमनया CETA जुलाई 2026 से लागू — ज़्यादातर भारतीय माल अब शुल्क-मुक्त जाता है। परिधान, खाद्य और इंजीनियरिंग के लिए मज़बूत बाज़ार।भारत से 2025-26US$ 13.4 बिलियन
EURपेरिसफ़्रांसफ़ैशन, खाद्य और डिज़ाइन का बाज़ार। EU नियम और फ़्रेंच भाषा के लेबल; SIAL पेरिस मुख्य खाद्य मेला।भारत से 2025-26US$ 7.1 बिलियन
CECASGDसिंगापुरसिंगापुरदक्षिण-पूर्व एशिया का शुल्क-मुक्त व्यापार केंद्र। SFA का सख़्त खाद्य लाइसेंस; बड़ा भारतीय समुदाय।भारत से 2025-26US$ 11.9 बिलियन
हस्तशिल्प में और
सभी उत्पाद →
निर्यात मुक्तहस्तशिल्पहस्तशिल्प (बेंत, बाँस, जूट और प्राकृतिक रेशा)बेंत, बाँस और घास से बनी टोकरियाँ, भंडारण वस्तुएँ, लैंप और सजावटी सामान, जो होम-डेकोर आयातकों को बिकता है।HS4602निर्यात 2025-26US$ 23.3 मिलियन ↓20.7%
निर्यात मुक्तहस्तशिल्पपीतल और कलात्मक धातु के सामानउपहार और होम-डेकोर खरीदारों के लिए मुरादाबाद-शैली की पीतल की सजावट, दीपक, घंटियाँ और टेबलवेयर।HS8306निर्यात 2025-26US$ 36.4 मिलियन ↑11.4%
शर्तों के साथ मुक्तहस्तशिल्पलकड़ी के हस्तशिल्पसहारनपुर, जोधपुर और चन्नपटना की नक्काशीदार, जड़ाऊ और खराद पर बनी लकड़ी की सजावट, डिब्बे और रसोई के सामान।HS4420निर्यात 2025-26US$ 11.5 मिलियन ↓9%
निर्यात मुक्तहस्तशिल्पअगरबत्ती और धूपअमेरिका, खाड़ी देशों, अफ़्रीका और लैटिन अमेरिका के लिए मसाला और डिप अगरबत्ती, कोन और धूप।HS3307.41निर्यात 2025-26US$ 151 मिलियन ↓0.4%
