Imports & Exportsनिर्यात शुरू करें

हस्तशिल्प

वाद्य यंत्र का निर्यात

मिरज, कोलकाता, वाराणसी और पीलीभीत के हाथ से बने सितार, तबले, बाँसुरी, हारमोनियम और ड्रम।

निर्यात मुक्तHS 9201
HS कोड
9201
अध्याय 92 के वाद्य यंत्र: पियानो (9201), तार वाले वाद्य जैसे सितार, वायलिन और वीणा (9202), फूँक वाले वाद्य जैसे बाँसुरी और शहनाई (9205), ताल वाद्य जैसे तबला, ड्रम और ढोलक (9206), बिजली वाले वाद्य (9207) और पुर्ज़े तथा तार (9209)।
निर्यात नीति
निर्यात मुक्त
ITC(HS) अनुसूची 2 के तहत निर्यात मुक्त है। जिन वाद्यों में वन्यजीवों के अंग (हाथीदाँत, कुछ खालें, हड्डी या सीप) या प्रतिबंधित लकड़ी लगी हो, उनका मामला अलग है — निर्यात से पहले वन्यजीव और CITES नियम जाँचें।
पंजीकरण
3
IEC, GST और नीचे दिए गए
2025-26 में भारत का निर्यात
US$ 51.2 मिलियन
55 देशों को

क्या निर्यात होता है

भारत हाथ से बने शास्त्रीय और लोक वाद्य (सितार, तानपुरा, वीणा, तबला, हारमोनियम, बाँसुरी, शहनाई, ढोलक), ताल वाद्य और अभ्यास ड्रम, तथा कुछ बैंड वाद्य निर्यात करता है। खरीदार संगीत की दुकानें, विश्व-संगीत आयातक, योग और वेलनेस रिटेलर तथा ऑनलाइन विक्रेता हैं। 2025-26 में भारत ने अध्याय 92 के लगभग 5.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर के वाद्य यंत्र निर्यात किए; UAE, जर्मनी, अमेरिका, चीन और मलेशिया आगे रहे।

क़िस्में, ग्रेड और रूप

  • तार वाले वाद्यसितार, तानपुरा, सरोद, वीणा, वायलिन और संतूर (HS 9202)।
  • ताल वाद्यतबला, ढोलक, मृदंगम, जेम्बे जैसे ड्रम और फ़्रेम ड्रम (HS 9206)।
  • फूँक वाले वाद्यबाँसुरी, शहनाई और पीतल के बैंड वाद्य (HS 9205)।
  • हारमोनियम और पुर्ज़ेहाथ के हारमोनियम (की-बोर्ड या रीड वाद्यों में वर्गीकृत — कोड पक्का करें) और तार तथा पुर्ज़े (HS 9209)।

कहाँ उगता या बनता है

  • महाराष्ट्रमिरज (सांगली) — सितार और तानपुरा निर्माता
  • पश्चिम बंगालकोलकाता — सितार, सरोद, हारमोनियम और तबले
  • उत्तर प्रदेशवाराणसी (तबला, शहनाई), पीलीभीत (बाँसुरी), मेरठ (पीतल के बैंड वाद्य)
  • तमिलनाडु और आंध्र प्रदेशतंजावुर (वीणा, मृदंगम) और बोब्बिली (वीणा)
  • दिल्लीदरियागंज और अन्य कार्यशालाएँ — हारमोनियम और ताल वाद्य

निर्यात पैकिंग

  • हर वाद्य के लिए कठोर या गद्देदार केस, फिर चारों ओर फ़ोम के साथ पाँच-परत कार्टन।
  • समुद्री यात्रा के लिए तार ढीले करें और नमी-नियंत्रक पैक रखें; कार्टनों पर "नाज़ुक" और "इस तरफ़ ऊपर" लिखें।
  • एक साथ भेजे जाने वाले ऑर्डर के लकड़ी के क्रेट ISPM 15 उपचारित होने चाहिए।

विदेश में ख़रीदार

  • संगीत की दुकानें और विश्व-संगीत आयातक
  • योग, ध्यान और ध्वनि-चिकित्सा रिटेलर
  • संगीत विद्यालय और प्रवासी सांस्कृतिक समूह
  • ऑनलाइन बाज़ार

ख़रीदार किस गुणवत्ता की माँग करते हैं

लकड़ी
पकी हुई लकड़ी (तुन, शीशम, कटहल, बाँसुरी के लिए बाँस), प्रजाति घोषित
सुर और स्वर
A=440 Hz या खरीदार के स्वर पर; बाँसुरी और हारमोनियम सुर के अनुसार (जैसे C, D, G)
पुड़ी और तार
चमड़े की पुड़ी समान रूप से कसी; बताए गेज के स्टील या कांसे के तार
फ़िनिश
चिकनी, दरार-रहित फ़िनिश, विष-रहित लाह के साथ

प्रमाणपत्र

  • CITES permit (where applicable)अक्सर माँगा जाता हैकेवल उन वाद्यों के लिए ज़रूरी जिनमें ऐसी CITES-सूचीबद्ध प्रजातियाँ हों जो किसी छूट में न आएँ; निर्यात से पहले जाँचें।
  • Lacey Act declaration (USA)ज़रूरीलकड़ी के वाद्यों के लिए; आपकी प्रजाति जानकारी से अमेरिकी आयातक दाखिल करता है।
  • ISPM 15ज़रूरीलकड़ी के क्रेट और पैकिंग के लिए।
  • GI authorised userअक्सर माँगा जाता हैमिरज सितार या बनारस तबला जैसे नामों से बेचने के लिए।

शिपिंग, भंडारण और टिकाऊपन

कंटेनर में कितना

छोटे ऑर्डर ज़्यादातर कार्टनों में हवाई या कूरियर से; ताल वाद्य और हारमोनियम के बड़े ऑर्डर के लिए कंसॉलिडेटेड LCL समुद्री भाड़ा।

कैसे भेजें

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई से हवाई; न्हावा शेवा, कोलकाता या चेन्नई से समुद्र।

भंडारण

स्थिर तापमान और नमी में रखें; लंबे भंडारण के लिए तार ढीले करें।

पैक और कार्टन पर क्या लिखें

  • वाद्य या केस पर निर्माता का नाम, मॉडल, सुर और "Made in India"।
  • कार्टन चिह्न: "नाज़ुक", "इस तरफ़ ऊपर", आइटम कोड, संख्या और वज़न।
  • देखभाल और सुर मिलाने के निर्देश अंग्रेज़ी में (और रिटेल हो तो खरीदार की भाषा में)।
जाँच कहाँ कराएँ

वाद्यों का मूल्यांकन प्रयोगशाला जाँच से नहीं, बजाकर होता है। लकड़ी की प्रजाति पहचान के लिए वन अनुसंधान संस्थान (देहरादून) या NABL-मान्य लकड़ी प्रयोगशाला इस्तेमाल करें; EPCH सदस्यों को निर्यात नियमों पर सलाह दे सकती है।

इस उत्पाद के निर्यात के लाभ

  • RoDTEP: FOB का 0.5%

    टैरिफ़ मद 9202 90 00 (अन्य तार वाले वाद्य, जैसे सितार) पर FOB मूल्य का 0.5%, बिना रुपये की सीमा के, ICEGATE पर ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप के रूप में मिलता है। परिशिष्ट 4R में अध्याय 92 की हर लाइन पर 0.5%, जिसमें ताल वाद्य (9206 00 00) और तार तथा पुर्ज़े (9209) शामिल हैं। ये दरें 31 दिसंबर 2026 तक जारी हैं (DGFT अधिसूचना 41/2026-27)। ऑर्डर की कीमत तय करने से पहले DGFT के RoDTEP पेज पर अपनी सही 8 अंकों वाली लाइन की पुष्टि करें।

    DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10.10.2024 (Notification 32/2024-25); rates continued to 31.12.2026 by Notification 41/2026-27 ↗
  • ड्यूटी ड्रॉबैक: FOB का 1.2%

    ड्रॉबैक मद 9202 (अन्य तार वाले वाद्य यंत्र) की ऑल इंडस्ट्री रेट FOB का 1.2% है, जो सीधे आपके बैंक खाते में आती है। अग्रिम प्राधिकार के तहत या EOU/SEZ इकाइयों से हुए निर्यात पर यह नहीं मिलती। हेडिंग 9201, 9205, 9206, 9207 और 9209 पर भी 1.2%। शिपमेंट से पहले CBIC के ड्रॉबैक पेज पर वर्तमान अनुसूची जाँचें।

    Gazette of India — Notification 77/2023-Customs (N.T.) dated 20.10.2023: All Industry Rates of duty drawback ↗
  • पंजीकृत GI टैग

    मिरज सितार और मिरज तानपुरा (महाराष्ट्र), तंजावुर वीणई (तमिलनाडु), बोब्बिली वीणा (आंध्र प्रदेश), बनारस तबला, बनारस शहनाई और पीलीभीत बाँसुरी (उत्तर प्रदेश) पंजीकृत भौगोलिक संकेतक (GI) हैं। इन नामों से केवल पंजीकृत उत्पादक और अधिकृत उपयोगकर्ता ही बेच सकते हैं, जिससे असली उत्पादक अलग पहचाने जाते हैं और बेहतर दाम पाते हैं।

    IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications ↗

कहाँ पंजीकरण कराएँ

  • EPCHहाथ से बने वाद्य यंत्र EPCH के विविध हस्तशिल्प के तहत आते हैं; RCMC वहीं से लें।epch.in ↗

गुणवत्ता और जाँच

  • लकड़ी और वन्यजीव: शीशम, आबनूस या पशु-अंगों वाले वाद्य — CITES स्थिति जाँचें; शीशम (डलबर्जिया) के वाद्यों पर विशेष CITES नियम हैं, और हाथीदाँत या संरक्षित प्रजातियों वाले उत्पाद निर्यात नहीं किए जा सकते।
  • अमेरिका: लकड़ी के वाद्यों के लिए प्रजाति के नाम के साथ लेसी एक्ट घोषणा।
  • चमड़े की पुड़ी वाले वाद्यों (तबला, ढोलक) की कुछ देशों में पशु-उत्पाद जाँच हो सकती है — आयातक से पूछें।
  • पैकिंग से पहले सुर और बजाने लायक होने की जाँच; खरीदार अक्सर हर वाद्य को बजाते हुए छोटा वीडियो माँगते हैं।
छोटी शुरुआत कैसे करें

मिरज, कोलकाता या वाराणसी की किसी पारिवारिक कार्यशाला के साथ काम करें, कुछ लोकप्रिय वस्तुओं (तबला सेट, हारमोनियम, बाँसुरी) से शुरुआत करें और विदेश की विश्व-संगीत दुकानों या ऑनलाइन बाज़ारों के ज़रिए बेचें। पहले कठोर केस और नमी-रोधी पैक के साथ छोटे कार्टन हवाई जहाज़ या कूरियर से भेजें।

जहाँ नए निर्यातक चूकते हैं

  • रास्ते में नमी बदलने से दरार और टेढ़ापन — लकड़ी को अच्छी तरह पकाएँ और नमी नियंत्रण के साथ पैक करें।
  • वन्यजीव कानून जाँचे बिना हड्डी, हाथीदाँत जैसी या सीप की जड़ाई लगाना — माल ज़ब्त होता है और निर्यातक पर मुकदमा चलता है।
  • सितार और तानपुरा जैसे लंबी गर्दन वाले वाद्यों की कमज़ोर पैकिंग — टूट-फूट के दावे पूरा मुनाफ़ा खा जाते हैं।

इसके लिए ख़ास दस्तावेज़

लागू योजनाएँ

स्रोत (7)
  1. Department of Commerce, Export Import Data Bank — India's exports of HS 92 by country, 2025-26
  2. DGFT — Appendix 2T: Export Promotion Councils and the products under each
  3. DGFT — ITC(HS) export policy search (Schedule 2)
  4. EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts) — official site
  5. CITES — Convention on International Trade in Endangered Species (checklist and appendices)
  6. USDA APHIS — Lacey Act plant declaration
  7. IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications

व्यापार के आँकड़े

भारत से वाद्य यंत्र का निर्यात — आँकड़ों में

वाणिज्य विभाग के TradeStat से, हर देश के लिए। US$ में, वित्त वर्ष (अप्रैल–मार्च)।

2025-26 में निर्यात
US$ 51.2 मिलियन
2020-21 से 2025-26 तक हर साल औसतन +18%
2024-25 से बदलाव
↑ +17%
US$ 43.8 मिलियन → US$ 51.2 मिलियन
ख़रीदार देश
55
औसत निर्यात मूल्य
US$ 21.63
प्रति किलो · 2,369 टन भेजा गया · पिछले साल US$ 18.54
संयुक्त अरब अमीरात: US$ 8.5 मिलियनसंयुक्त राज्य अमेरिका: US$ 6.8 मिलियनजर्मनी: US$ 6.2 मिलियनचीन: US$ 5.7 मिलियनमलेशिया: US$ 3.1 मिलियनफ़्रांस: US$ 2.1 मिलियनयूनाइटेड किंगडम: US$ 2.1 मिलियनसिंगापुर: US$ 2.1 मिलियनजापान: US$ 1.9 मिलियनकेन्या: US$ 1.7 मिलियनइंडोनेशिया: US$ 1.6 मिलियनब्राज़ील: US$ 1.3 मिलियनमेक्सिको: US$ 1.1 मिलियननेपाल: US$ 1 मिलियनऑस्ट्रेलिया: US$ 640 हज़ारकनाडा: US$ 580 हज़ारदक्षिण कोरिया: US$ 380 हज़ारनीदरलैंड: US$ 330 हज़ारबांग्लादेश: US$ 310 हज़ारमॉरीशस: US$ 270 हज़ारइटली: US$ 200 हज़ारइज़राइल: US$ 200 हज़ारतंज़ानिया: US$ 170 हज़ारसंयुक्त अरब अमीरात: US$ 8.5 मिलियनसंयुक्त अरब अमीरातसंयुक्त राज्य अमेरिका: US$ 6.8 मिलियनसंयुक्त राज्य अमेरिकाजर्मनी: US$ 6.2 मिलियनजर्मनीचीन: US$ 5.7 मिलियनचीनमलेशिया: US$ 3.1 मिलियनमलेशियाफ़्रांस: US$ 2.1 मिलियनयूनाइटेड किंगडम: US$ 2.1 मिलियनसिंगापुर: US$ 2.1 मिलियनजापान: US$ 1.9 मिलियनकेन्या: US$ 1.7 मिलियनकेन्याइंडोनेशिया: US$ 1.6 मिलियनब्राज़ील: US$ 1.3 मिलियनमेक्सिको: US$ 1.1 मिलियननेपाल: US$ 1 मिलियनऑस्ट्रेलिया: US$ 640 हज़ारकनाडा: US$ 580 हज़ारदक्षिण कोरिया: US$ 380 हज़ारनीदरलैंड: US$ 330 हज़ारबांग्लादेश: US$ 310 हज़ारमॉरीशस: US$ 270 हज़ारइटली: US$ 200 हज़ारइज़राइल: US$ 200 हज़ारतंज़ानिया: US$ 170 हज़ारभारत
भारत से वाद्य यंत्र कहाँ जाता है — हमारे 80 देशों में, 2025-26
2020-21: US$ 22.4 मिलियन222020-212021-22: US$ 35.5 मिलियन362021-222022-23: US$ 43.3 मिलियन432022-232023-24: US$ 41.5 मिलियन412023-242024-25: US$ 43.8 मिलियन442024-252025-26: US$ 51.2 मिलियन512025-26
भारत का वाद्य यंत्र निर्यात, साल-दर-साल · US$ मिलियन

दाम का चक्र

भारत के निर्यात का औसत दाम प्रति किलो, हर साल (कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा)। सबसे ऊँचा 2025-26 में, सबसे नीचा 2020-21 में — ऊपर-नीचे का फ़र्क़ 57%। दाम तय करते समय यह झूला याद रखें।

2020-21: US$ 13.75 प्रति किलो13.752021-22: US$ 14.29 प्रति किलो2022-23: US$ 16.41 प्रति किलो2024-25: US$ 18.54 प्रति किलो2025-26: US$ 21.63 प्रति किलो21.632020-212021-222022-232023-242024-252025-26
वाद्य यंत्र का औसत निर्यात दाम · US$ प्रति किलो · बिंदीदार रेखा = बीच का साल उपलब्ध नहीं

आगे क्या: रुझान से अनुमान

पिछले सालों के रुझान को आगे बढ़ाकर बनाया गया अनुमान — किसी सरकारी संस्था का पूर्वानुमान नहीं। नीति, दाम या माँग का अचानक बदलाव इसमें शामिल नहीं है।

2020-21: US$ 22.4 मिलियन2020-212021-22: US$ 35.5 मिलियन2021-222022-23: US$ 43.3 मिलियन2022-232023-24: US$ 41.5 मिलियन2023-242024-25: US$ 43.8 मिलियन2024-252025-26: US$ 51.2 मिलियन2025-262026-27: US$ 61.5 मिलियन (US$ 49.7 मिलियन – US$ 76.2 मिलियन)622026-272027-28: US$ 70.4 मिलियन (US$ 55.4 मिलियन – US$ 89.4 मिलियन)702027-28
भारत का वाद्य यंत्र निर्यात और अनुमान · खोखले बार = अनुमान, रेखा = संभावित दायरा
2027-28 तक: US$ 70.4 मिलियन

संभावित दायरा US$ 55.4 मिलियन से US$ 89.4 मिलियन।

रुझान
+14.4% प्रति वर्ष
फ़िट (R²)
0.76
आधार
6 साल के आधिकारिक आँकड़े

तरीका: सालाना निर्यात के लघुगणक पर सीधी रेखा (लॉग-लीनियर रिग्रेशन), दायरा ±1 मानक त्रुटि।

सबसे बड़े ख़रीदार देश

2025-26 में मूल्य के हिसाब से। बदलाव 2024-25 की तुलना में।

नाम2025-26बदलाव
1संयुक्त अरब अमीरातUS$ 8.5 मिलियन+44.5%
3जर्मनीUS$ 6.2 मिलियन+9.6%
4चीनUS$ 5.7 मिलियन-2.8%
5मलेशियाUS$ 3.1 मिलियन+40.4%
6फ़्रांसUS$ 2.1 मिलियन0%
7यूनाइटेड किंगडमUS$ 2.1 मिलियन+61.5%
8सिंगापुरUS$ 2.1 मिलियन+98.1%
9जापानUS$ 1.9 मिलियन+14.5%
10केन्याUS$ 1.7 मिलियन+80.6%
11इंडोनेशियाUS$ 1.6 मिलियन+8.2%
12ब्राज़ीलUS$ 1.3 मिलियन+15.3%

कहाँ माँग बढ़ रही है, कहाँ घट रही है

केवल वे देश जो कम से कम US$ 1 मिलियन या भारत के इस निर्यात का 1% ख़रीदते हैं। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।

ज़्यादा माँग

  1. सिंगापुरUS$ 1 मिलियन → US$ 2.1 मिलियन+98.1%
  2. केन्याUS$ 930 हज़ार → US$ 1.7 मिलियन+80.6%
  3. यूनाइटेड किंगडमUS$ 1.3 मिलियन → US$ 2.1 मिलियन+61.5%
  4. पनामाUS$ 730 हज़ार → US$ 1.1 मिलियन+53.4%
  5. संयुक्त अरब अमीरातUS$ 5.9 मिलियन → US$ 8.5 मिलियन+44.5%
  6. मलेशियाUS$ 2.2 मिलियन → US$ 3.1 मिलियन+40.4%
  7. मेक्सिकोUS$ 890 हज़ार → US$ 1.1 मिलियन+28.1%
  8. ब्राज़ीलUS$ 1.1 मिलियन → US$ 1.3 मिलियन+15.3%

कम माँग

इस साल कोई बड़ा देश इस सूची में नहीं आया।

किस रूप में कितना जाता है, और किस दाम पर

भारत का निर्यात 8-अंकीय टैरिफ़ लाइन के हिसाब से, 2025-26। औसत दाम = कुल मूल्य ÷ कुल मात्रा (TradeStat), यानी एक लाइन के सभी शिपमेंट का औसत — किसी एक सौदे का दाम नहीं।

टैरिफ़ लाइनमूल्य 2025-26बदलावमात्राऔसत दाम
Keyboard instruments,other than accordions9207 10 00 · Musical instruments, keyboard,, the sound of which is produced or must be amplified electricallyUS$ 26.2 मिलियन+36.1%276 हज़ार नगUS$ 94.92 प्रति नगपिछले साल US$ 89.59
Other string musical instruments9202 90 00 · Musical instruments, string, played other than with a bowUS$ 9.2 मिलियन+8%224 हज़ार नगUS$ 41.30 प्रति नगपिछले साल US$ 39.38
Parts and accessories for the musical instruments of headng no.92029209 92 00 · Musical instruments, parts and accessories for string musical instruments other than keyboard instrumentsUS$ 6.7 मिलियन-8.7%863 टनUS$ 7.81 प्रति किलोपिछले साल US$ 8.41
Percussion musical instrmnt(for exmpl, drumsxylophones,cymbals,castanets, maraccas)9206 00 00 · Musical instruments, percussionUS$ 2.4 मिलियन+3.1%617 हज़ार नगUS$ 3.82 प्रति नगपिछले साल US$ 6.51
Other prtsandaccssors of musical instruments9209 99 00 · Musical instruments, parts and accessories for musical instruments in heading no. 9209, metronomes, tuning…US$ 2.2 मिलियन-3.1%128 टनUS$ 17.33 प्रति किलोपिछले साल US$ 21.51
Other musical instruments of hdg 92079207 90 00 · Musical instruments,, the sound of which is produced or must be amplified electricallyUS$ 1.6 मिलियन-3%82 हज़ार नगUS$ 19.54 प्रति नगपिछले साल US$ 28.48
All other wind musical instruments9205 90 90 · Musical instruments, wind, other than brass,, other than fairground organs and mechanical street organsUS$ 1.6 मिलियन+18.2%29 हज़ार नगUS$ 53.76 प्रति नगपिछले साल US$ 3.71
Musical instrument strings9209 30 00 · Musical instrument stringsUS$ 410 हज़ार+412.5%3.9 टनUS$ 103.88 प्रति किलोपिछले साल US$ 13.33
Musical instruments, harpsichords and other keyboard stringed instruments in heading no. 9201 — other pianos9201 90 00US$ 260 हज़ार-36.6%19 हज़ार नगUS$ 13.64 प्रति नगपिछले साल US$ 40.50
Strng musical instruments played with a bow9202 10 00 · Musical instruments, string, played with a bowUS$ 210 हज़ार-19.2%2 हज़ार नगUS$ 90.75 प्रति नगपिछले साल US$ 96.69
Parts and accessories for the musical instruments of heading no.92079209 94 00 · Musical instruments, parts and accessories for the musical instruments the sound of which is produced or…US$ 180 हज़ार+63.6%5.8 टनUS$ 30.94 प्रति किलोपिछले साल US$ 29.19
Musical instruments, brass-wind, other than fairground organs and mechanical street organs — brass-wind instruments9205 10 00US$ 130 हज़ार0%6 हज़ार नगUS$ 20.67 प्रति नगपिछले साल US$ 13.12
Musical instruments, wind, other than brass,, other than fairground organs and mechanical street organs — flutes9205 90 10US$ 60 हज़ार-33.3%107 हज़ार नगUS$ 0.56 प्रति नगपिछले साल US$ 0.61
Musical instruments, pianos, upright, including automatic pianos — upright pianos9201 10 00US$ 50 हज़ार—2 हज़ार नगUS$ 29.26 प्रति नग

दुनिया का बाज़ार

UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज निर्यात और आयात, 2023 (वह नवीनतम साल जिसका लगभग सभी देशों ने आँकड़ा भेजा है)।

दुनिया का कुल आयात
US$ 7.37 बिलियन
2023
निर्यातकों में भारत
#21
151 देशों में
दुनिया के निर्यात में भारत का हिस्सा
0.6%
US$ 42.6 मिलियन
बाक़ी दुनिया का हिस्सा
US$ 7.64 बिलियन
दूसरे देशों का निर्यात

सबसे बड़े निर्यातक — आपके प्रतियोगी

  1. 1चीनUS$ 1.96 बिलियन 25.5%
  2. 2जर्मनीUS$ 1.1 बिलियन 14.2%
  3. 3अमेरिकाUS$ 910 मिलियन 11.8%
  4. 4इंडोनेशियाUS$ 649 मिलियन 8.4%
  5. 5जापानUS$ 622 मिलियन 8.1%
  6. 6नीदरलैंडUS$ 313 मिलियन 4.1%
  7. 7फ़्रांसUS$ 302 मिलियन 3.9%
  8. 8मलेशियाUS$ 236 मिलियन 3.1%
  9. 9अन्य एशिया (ताइवान)US$ 170 मिलियन 2.2%
  10. 10इटलीUS$ 169 मिलियन 2.2%

दुनिया के सबसे बड़े ख़रीदार

  1. 1अमेरिकाUS$ 1.58 बिलियन 21.5%
  2. 2जर्मनीUS$ 800 मिलियन 10.9%
  3. 3जापानUS$ 499 मिलियन 6.8%
  4. 4चीनUS$ 498 मिलियन 6.8%
  5. 5यूनाइटेड किंगडमUS$ 362 मिलियन 4.9%
  6. 6फ़्रांसUS$ 339 मिलियन 4.6%
  7. 7नीदरलैंडUS$ 315 मिलियन 4.3%
  8. 8कनाडाUS$ 235 मिलियन 3.2%
  9. 9दक्षिण कोरियाUS$ 208 मिलियन 2.8%
  10. 10ऑस्ट्रेलियाUS$ 177 मिलियन 2.4%

मौक़ा: ये देश दुनिया से कितना ख़रीदते हैं, और भारत से कितना

UN Comtrade में हर देश का अपना दर्ज आयात, देश के नवीनतम वर्ष का। लंबी हल्की पट्टी वह माँग है जो अभी दूसरे देश पूरी कर रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिकाUS$ 1.61 बिलियनभारत 0.4% · अंतर US$ 1.6 बिलियन
जर्मनीUS$ 808 मिलियनभारत 1.3% · अंतर US$ 798 मिलियन
जापानUS$ 484 मिलियनभारत 0.3% · अंतर US$ 483 मिलियन
यूनाइटेड किंगडमUS$ 362 मिलियनभारत 0.5% · अंतर US$ 360 मिलियन
चीनUS$ 354 मिलियनभारत 1.1% · अंतर US$ 350 मिलियन
नीदरलैंडUS$ 327 मिलियनभारत 0.2% · अंतर US$ 326 मिलियन
फ़्रांसUS$ 316 मिलियनभारत 1.1% · अंतर US$ 313 मिलियन
कनाडाUS$ 222 मिलियनभारत 0.3% · अंतर US$ 222 मिलियन
दक्षिण कोरियाUS$ 202 मिलियनभारत 0.2% · अंतर US$ 202 मिलियन
ऑस्ट्रेलियाUS$ 177 मिलियनभारत 0.4% · अंतर US$ 177 मिलियन

2023-24 की मात्रा TradeStat में दोगुनी दर्ज है, इसलिए वह साल औसत मूल्य में नहीं लिया गया। स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · UN Comtrade database (United Nations Statistics Division) · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।

कदम-दर-कदम

वाद्य यंत्र का निर्यात कैसे करें

वाद्य यंत्रों के विश्व व्यापार में चीन का दबदबा है, और कारखाने में बने पियानो, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक वाद्यों में जापान, जर्मनी, अमेरिका और इंडोनेशिया आते हैं। भारत की ताकत हाथ से बने शास्त्रीय और लोक वाद्य हैं, जिनका भारतीय संगीत के विद्यार्थियों, विश्व-संगीत वादकों और वेलनेस तथा ध्वनि-चिकित्सा क्षेत्र में पक्का बाज़ार है। माँग बड़ी नहीं पर स्थिर है और विदेश में योग, कीर्तन और फ़्यूज़न संगीत के साथ बढ़ती है। गुणवत्ता में बहुत अंतर है, इसलिए एक-सा सुर, अच्छी फ़िनिश और भरोसेमंद पैकिंग देने वाले निर्माता अलग दिखते हैं। अवसर विद्यार्थी-स्तर के वाद्यों में, विश्व-संगीत दुकानों के लिए ताल वाद्य और ड्रम में, और वादकों को सीधे ऑनलाइन बिक्री में हैं।

  1. 01निर्माता चुनें

    ऐसी कार्यशालाओं के साथ काम करें जो आपकी चुनी श्रेणी में एक-सी गुणवत्ता दे सकें।

  2. 02सामग्री जाँचें

    लकड़ी की प्रजाति पक्की करें और वन्यजीव अंगों से बचें; खरीद का रिकॉर्ड रखें।

  3. 03पंजीकरण

    IEC, GST LUT और EPCH से RCMC।

  4. 04जाँच और वीडियो

    हर वाद्य का सुर मिलाकर बजाकर जाँचें; खरीदार के लिए छोटा वीडियो बनाएँ।

  5. 05पैक करें

    केस, फ़ोम और पाँच-परत कार्टन; तार ढीले करें; नमी-नियंत्रक पैक रखें।

  6. 06भेजें और लाभ लें

    शिपिंग बिल दाखिल करें, RoDTEP (0.5%) और ड्रॉबैक (1.2%) लें।

सवाल-जवाब

वाद्य यंत्र के निर्यात पर सवाल

क्या शीशम के सितार के लिए CITES परमिट चाहिए?
CITES में शीशम (डलबर्जिया) के वाद्यों के लिए विशेष प्रावधान हैं, और तैयार वाद्य यंत्र आम तौर पर छूट में आते हैं। भेजने से पहले CITES की वर्तमान टिप्पणी और भारतीय वन्यजीव नियम जाँचें।
वाद्य यंत्र किस परिषद के तहत आते हैं?
EPCH, विविध हस्तशिल्प के तहत।
विदेश में वाद्यों को फटने से कैसे रोकूँ?
अच्छी तरह पकी लकड़ी इस्तेमाल करें, नमी नियंत्रण के साथ पैक करें, और खरीदारों को केस खोलने से पहले वाद्यों को माहौल के अनुकूल होने देने की सलाह दें।
कौन-से GI टैग मदद करते हैं?
मिरज सितार, मिरज तानपुरा, तंजावुर वीणई, बोब्बिली वीणा, बनारस तबला, बनारस शहनाई और पीलीभीत बाँसुरी पंजीकृत GI हैं।
क्या विदेशी ऑनलाइन बाज़ारों से बेच सकता हूँ?
हाँ। कई निर्माता ई-कॉमर्स निर्यात नियमों के तहत कूरियर से भेजते हैं; बिल, IEC तैयार रखें और पैकिंग पार्सल नेटवर्क लायक मज़बूत रखें।
स्रोत (7)
  1. EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts) — official site
  2. CITES — Convention on International Trade in Endangered Species (checklist and appendices)
  3. USDA APHIS — Lacey Act plant declaration
  4. IPPC — ISPM 15, Regulation of wood packaging material in international trade
  5. IP India (Geographical Indications Registry) — Registration details of Geographical Indications
  6. DGFT — Appendix 4R, RoDTEP schedule for DTA exports w.e.f. 10.10.2024 (Notification 32/2024-25); rates continued to 31.12.2026 by Notification 41/2026-27
  7. Gazette of India — Notification 77/2023-Customs (N.T.) dated 20.10.2023: All Industry Rates of duty drawback

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