
अफ़्रीका
बेनिन को निर्यात
नाइजीरिया से सटा पश्चिम अफ्रीकी व्यापारिक देश। भारतीय चावल का बड़ा ख़रीदार; साथ में दवाएँ, वाहन और वस्त्र भी।
- राजधानी
- पोर्टो-नोवो (सरकार का केंद्र कोटोनू है)
- मुद्रा
- XOF
- भारत से व्यापार समझौता
- कोई नहीं
- मुख्य बंदरगाह
- Port of Cotonou, Cadjehoun International Airport, Cotonou
बेनिन का भारत के साथ कोई व्यापार समझौता नहीं है। कोटोनू बंदरगाह बेनिन, नाइजर और बुर्किना फ़ासो की सेवा करता है, और बेनिन के व्यापारी लंबे समय से पड़ोसी नाइजीरिया के बड़े बाज़ार को माल देते रहे हैं। भारतीय चावल इसके सबसे बड़े आयातों में है, साथ में दवाएँ, मोटरसाइकिलें और वस्त्र भी। बदले में भारत बेनिन से कच्चा काजू और कपास ख़रीदता है।
भारत से क्या ख़रीदता है
- चावल
- दवाएँ
- मोटरसाइकिलें और ऑटो पार्ट्स
- वस्त्र, प्लास्टिक और प्रसंस्कृत खाद्य
वहाँ के आयात नियम
- सीमा शुल्क बेनिन सीमा शुल्क निदेशालय चलाता है; घोषणाएँ राष्ट्रीय सिंगल विंडो से होती हैं।
- दवाओं के लिए बेनिन के औषधि नियामक की अनुमति चाहिए; खाद्य और पादप उत्पादों के लिए स्वास्थ्य और फाइटोसैनिटरी प्रमाणपत्र चाहिए।
- बेनिन ECOWAS का साझा बाहरी शुल्क लागू करता है; लेबल और दस्तावेज़ आम तौर पर फ़्रेंच में होते हैं।
काम की बातें
- चावल निर्यात से पहले DGFT पर अपने चावल के प्रकार के लिए भारत की मौजूदा निर्यात नीति और कोई न्यूनतम निर्यात मूल्य जाँचें।
- अग्रिम भुगतान या कन्फ़र्म्ड LC लें; उधार देने से पहले ECGC कवर जाँचें।
- अगर ख़रीदार कहे कि माल आगे नाइजीरिया जाएगा, तो याद रखें कि वहाँ नाइजीरिया के अपने आयात नियम लागू होते हैं — अनौपचारिक पुनर्निर्यात व्यवस्थाओं में न फँसें।
व्यापार के आँकड़े
भारत से बेनिन को निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से (वित्त वर्ष, अप्रैल–मार्च), दुनिया से इस देश के आयात UN Comtrade से, और देश की बुनियादी जानकारी विश्व बैंक से।
- 2025-26 में भारत से निर्यात
- US$ 955 मिलियन हमारे 80 देशों में 62वाँ
- 2024-25 से बदलाव
- ↓ -20.1% US$ 1.19 बिलियन → US$ 955 मिलियन
- भारत के कुल निर्यात में हिस्सा
- 0.22%
- दुनिया से इसका आयात
- —
भारत यहाँ सबसे ज़्यादा क्या बेचता है
HS अध्याय के हिसाब से, 2025-26। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
किसकी माँग बढ़ रही है, किसकी घट रही है
वे अध्याय जिनमें भारत कम से कम US$ 5 मिलियन बेचता है। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- चीनी और मिठाइयाँUS$ 7.4 मिलियन → US$ 28.3 मिलियन↑+282.2%
- अन्य रासायनिक उत्पादUS$ 2.1 मिलियन → US$ 6.1 मिलियन↑+184%
- बेकरी और अनाज से बने खाद्यUS$ 5.3 मिलियन → US$ 15 मिलियन↑+180.9%
- प्लास्टिकUS$ 10.8 मिलियन → US$ 24 मिलियन↑+121.3%
- विस्फोटक, माचिसUS$ 3.7 मिलियन → US$ 7.7 मिलियन↑+111.5%
- दवाएँ और फ़ार्माUS$ 25.4 मिलियन → US$ 50.5 मिलियन↑+98.9%
- बिजली और इलेक्ट्रॉनिक सामानUS$ 14.7 मिलियन → US$ 22.1 मिलियन↑+50.3%
- मशीनरीUS$ 22.2 मिलियन → US$ 29.1 मिलियन↑+30.9%
↓ कम माँग
- अनाज (चावल, गेहूँ, मक्का)US$ 1.03 बिलियन → US$ 676 मिलियन↓-34.4%
हमारी उत्पाद गाइड जो यहाँ बिकती हैं
हर उत्पाद का भारत से इस देश को निर्यात, 2025-26।
निर्यात की 20 सबसे बड़ी चीज़ें
4-अंकीय HS लाइन, 2025-26। विवरण HS नामावली के अंग्रेज़ी नाम में, साथ में अध्याय हिंदी में।
भारत बेनिन से क्या ख़रीदता है
TradeStat के अनुसार भारत का इस देश से आयात, 2025-26, HS अध्याय के हिसाब से — यह देश आपका सप्लायर भी हो सकता है।
- भारत का आयात, 2025-26
- US$ 113 मिलियन US$ 131 मिलियन → US$ 113 मिलियन
- भारत का निर्यात, 2025-26
- US$ 955 मिलियन
- व्यापार संतुलन
- +US$ 842 मिलियन निर्यात घटा आयात
- आयात में बदलाव
- -13.4%
देश एक नज़र में
- जनसंख्या
- 14.8 मिलियन 2025
- GDP
- US$ 24.6 बिलियन 2025
- प्रति व्यक्ति GDP
- US$ 1,658 2025
- कुल आयात (सामान और सेवाएँ)
- US$ 4.93 बिलियन 2025
स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · World Bank — World Development Indicators · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
बेनिन को क्या भेजें
सभी उत्पाद →
शर्तों के साथ मुक्तखेती की उपजग़ैर-बासमती चावलभारी मात्रा वाला मुख्य अनाज, जो ज़्यादातर अफ़्रीका और बांग्लादेश जाता है। निर्यात 2024–25 में फिर खुला, पर अब अनुबंध APEDA में पंजीकृत कराने होते हैं।HS1006.30निर्यात 2025-26US$ 5.86 बिलियन ↓10.2%
निर्यात मुक्तदवा और रसायनजेनेरिक दवाएँ (फ़ॉर्मूलेशन)गोलियाँ, कैप्सूल और इंजेक्शन; हर बाज़ार में उत्पाद पंजीकरण ज़रूरी है। सबसे ज़्यादा अमेरिका खरीदता है।HS3004निर्यात 2025-26US$ 21.9 बिलियन ↓0.7%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानमोटरसाइकिल और स्कूटरलैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के लिए कम्यूटर मोटरसाइकिलें और स्कूटर; भारत शीर्ष निर्यातकों में।HS8711निर्यात 2025-26US$ 3.98 बिलियन ↑24.2%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानऑटो पार्ट्स और पुर्ज़ेवाहन निर्माताओं और आफ़्टरमार्केट के लिए पुर्ज़े; ज़्यादातर अमेरिका, जर्मनी और इटली खरीदते हैं, लैटिन अमेरिका में भी अच्छी माँग।HS8708निर्यात 2025-26US$ 7.64 बिलियन ↑1.8%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानसूती बुने कपड़ेग्रे और तैयार सूती कपड़े — शर्टिंग, शीटिंग, डेनिम, पॉपलिन, वॉयल — विदेश के परिधान और होम-टेक्सटाइल निर्माताओं के लिए।HS5208निर्यात 2025-26US$ 2.01 बिलियन ↑2.7%
निर्यात मुक्तप्रोसेस्ड खाद्यप्रसंस्कृत खाद्यनमकीन, अचार, रेडी-टू-ईट भोजन, सॉस, बिस्कुट और मिक्स। FSSAI लाइसेंस के साथ ख़रीदार देश के लेबल और पंजीकरण नियम।HS19–21निर्यात 2025-26US$ 4.19 बिलियन ↑8.9%
निर्यात मुक्तदूसरे सामानप्लास्टिक के सामान और पैकेजिंगबुनी हुई बोरियाँ, FIBC बैग, डिब्बे और घरेलू प्लास्टिक; अमेरिका आगे, फिर UAE और ब्रिटेन।HS3923निर्यात 2025-26US$ 1.21 बिलियन ↑3.3%
अफ़्रीका के और देश
KESनैरोबीकेन्यामोम्बासा के ज़रिए पूर्वी अफ्रीका का व्यापार द्वार। दवाएँ, वाहन, स्टील और चावल ख़रीदता है; KEBS की लदान-पूर्व जाँच लागू।भारत से 2025-26US$ 4.02 बिलियन
ZARप्रिटोरिया (कार्यकारी राजधानी)दक्षिण अफ्रीकाअफ्रीका की सबसे औद्योगिक अर्थव्यवस्था। वाहन, दवाएँ, चावल और रसायन ख़रीदता है; विनियमित सामान के लिए NRCS मंज़ूरी।भारत से 2025-26US$ 7.01 बिलियन
CECPAMURपोर्ट लुईमॉरीशसगहरी भारतीय जड़ों वाला छोटा द्वीपीय बाज़ार, जहाँ CECPA 300 से अधिक उत्पादों को कवर करता है।भारत से 2025-26US$ 474 मिलियन
EGPकाहिरामिस्रबड़ा उत्तर अफ्रीकी बाज़ार। हर खेप का लदान से पहले मिस्र की ACI प्रणाली पर पूर्व-पंजीकरण ज़रूरी।भारत से 2025-26US$ 3.87 बिलियन
