Imports & Exportsनिर्यात शुरू करें

कदम 06 / 07

अपने AD बैंक से आपूर्तिकर्ता को भुगतान करें

आयात भुगतान RBI के 2026 विनियमों के तहत अधिकृत डीलर (AD) बैंक से होते हैं। भुगतान होने तक बैंक हर बिल ऑफ़ एंट्री पर नज़र रखता है।

  1. 1अपना IEC (और GST पंजीकरण) लें
  2. 2ICEGATE पर पंजीकरण करें
  3. 3अपने HS कोड की आयात नीति और शुल्क जाँचें
  4. 4ऑर्डर से पहले उत्पाद के लाइसेंस लें
  5. 5आपूर्तिकर्ता की जाँच करें और स्पष्ट अनुबंध करें
  6. 6अपने AD बैंक से आपूर्तिकर्ता को भुगतान करें
  7. 7माल छुड़ाएँ: बिल ऑफ़ एंट्री से आउट ऑफ़ चार्ज तक

1 अक्टूबर 2026 से विदेशी मुद्रा प्रबंधन (वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात और आयात) विनियम, 2026 लागू हैं। आपका AD बैंक ज़्यादातर मामले अपनी प्रकाशित नीति, दस्तावेज़ सूची और शुल्क के अनुसार तय करता है। बैंक से उसका आयात-भुगतान फ़ॉर्म और जाँच-सूची माँगें।

बैंक को सौदा असली लगे तो अग्रिम भुगतान की अनुमति है; उसकी सीमा से ऊपर वह आपूर्तिकर्ता से स्टैंडबाय लेटर ऑफ़ क्रेडिट या बैंक गारंटी माँग सकता है। नए आपूर्तिकर्ता के साथ अग्रिम कम रखें, या बड़े ऑर्डर के लिए लेटर ऑफ़ क्रेडिट इस्तेमाल करें।

अनुबंध में तय अवधि के भीतर भुगतान करें। हर बिल ऑफ़ एंट्री RBI की IDPMS में दिखती है, और भुगतान का प्रमाण देने पर बैंक उसे बंद करता है। एक आयात का अग्रिम और बाद के भुगतान एक ही बैंक से करें।

स्रोत (1)
  1. RBI — FEM (Export and Import of Goods and Services) Regulations, 2026, amended up to 22 Sep 2026