
यूरोप
नॉर्वे को निर्यात
ऊँची आय वाला नॉर्डिक ख़रीदार, अक्टूबर 2025 से भारत–EFTA TEPA के दायरे में। खाद्य और उत्पाद-सुरक्षा के नियम सख़्त।
- राजधानी
- ओस्लो
- मुद्रा
- NOK
- भारत से व्यापार समझौता
- India–EFTA Trade and Economic Partnership Agreement (TEPA) 1 October 2025
- मुख्य बंदरगाह
- Oslo, Bergen, Stavanger
नॉर्वे छोटा पर समृद्ध बाज़ार है। यह यूरोपीय संघ (EU) में नहीं है, पर यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) का सदस्य होने के कारण खाद्य सुरक्षा, रसायन और उत्पाद सुरक्षा के ज़्यादातर EU नियम लागू करता है। TEPA से अधिकांश भारतीय औद्योगिक सामान पर शुल्क हट गया या घट गया है, जबकि कृषि उत्पादों पर संरक्षण अब भी ज़्यादा है।
नॉर्वे EFTA के चार देशों में से एक है। TEPA के तहत EFTA पक्ष ने अपनी 92.2% टैरिफ लाइनों पर बाज़ार पहुँच दी है, जिनमें भारत के 99.6% निर्यात आते हैं, और सभी गैर-कृषि उत्पाद शामिल हैं। कम शुल्क पाने के लिए DGFT के ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से TEPA का उत्पत्ति प्रमाणपत्र लें और अपने उत्पाद के उत्पत्ति नियम जाँचें।
भारत से क्या ख़रीदता है
- परिधान, घरेलू वस्त्र और दूसरे वस्त्र उत्पाद
- मशीनरी, बिजली के उपकरण और धातु उत्पाद
- कार्बनिक रसायन और दवाएँ
- दक्षिण एशियाई और आम दुकानों के लिए चावल, मसाले, चाय और प्रसंस्कृत खाद्य
वहाँ के आयात नियम
- खाद्य को कीटनाशक अवशेष, संदूषक और लेबलिंग के EU-स्तर के नियमों पर खरा उतरना होता है; नॉर्वे का खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (Mattilsynet) आयात की जाँच करता है, और लेबल नॉर्वेजियन भाषा में होने चाहिए।
- खिलौने, बिजली का सामान और मशीनरी जैसे उपभोक्ता सामान पर CE चिह्न होना चाहिए और वे EEA के उत्पाद-सुरक्षा व रसायन (REACH) नियमों के अनुरूप हों।
- नॉर्वे का सीमा शुल्क विभाग (Tolletaten) आयात पर शुल्क और सामान्य VAT वसूलता है; आयातक का सीमा शुल्क में पंजीकरण ज़रूरी है।
काम की बातें
- ख़रीदार सामाजिक और पर्यावरणीय अनुपालन का प्रमाण (फ़ैक्टरी ऑडिट, रसायन जाँच रिपोर्ट) चाहते हैं। पहली बैठक से पहले इन्हें तैयार रखें।
- नॉर्वे का काफ़ी व्यापार स्वीडन, डेनमार्क या जर्मनी के आयातकों के ज़रिए होता है; EU का कोई वितरक व्यावहारिक पहला क़दम हो सकता है।
- पुराने ख़रीदारों के साथ खुले खाते पर भुगतान आम है; नए ख़रीदार से अग्रिम या LC माँगें और ECGC बीमा लें।
व्यापार के आँकड़े
भारत से नॉर्वे को निर्यात — आँकड़ों में
वाणिज्य विभाग के TradeStat से (वित्त वर्ष, अप्रैल–मार्च), दुनिया से इस देश के आयात UN Comtrade से, और देश की बुनियादी जानकारी विश्व बैंक से।
- 2025-26 में भारत से निर्यात
- US$ 472 मिलियन हमारे 80 देशों में 74वाँ
- 2024-25 से बदलाव
- ↑ +11% US$ 425 मिलियन → US$ 472 मिलियन
- भारत के कुल निर्यात में हिस्सा
- 0.11%
- दुनिया से इसका आयात
- —
भारत यहाँ सबसे ज़्यादा क्या बेचता है
HS अध्याय के हिसाब से, 2025-26। बदलाव 2024-25 की तुलना में।
किसकी माँग बढ़ रही है, किसकी घट रही है
वे अध्याय जिनमें भारत कम से कम US$ 5 मिलियन बेचता है। 2024-25 से 2025-26 का बदलाव।
↑ ज़्यादा माँग
- वाहन और पुर्ज़ेUS$ 4.5 मिलियन → US$ 38.5 मिलियन↑+746.9%
- एल्युमिनियमUS$ 3.2 मिलियन → US$ 8.8 मिलियन↑+176.1%
- मशीनरीUS$ 18.1 मिलियन → US$ 25.2 मिलियन↑+39.2%
- चमड़े का सामान, बैगUS$ 5.5 मिलियन → US$ 7.4 मिलियन↑+35.3%
- जहाज़ और नावेंUS$ 33.4 मिलियन → US$ 43.4 मिलियन↑+29.8%
- रबड़US$ 10.4 मिलियन → US$ 13.1 मिलियन↑+26.6%
- बुने हुए वस्त्रUS$ 4 मिलियन → US$ 5.1 मिलियन↑+26.2%
- जूते-चप्पलUS$ 10.8 मिलियन → US$ 13.6 मिलियन↑+25.7%
↓ कम माँग
- आटा, माल्ट, स्टार्चUS$ 51.2 मिलियन → US$ 31.4 मिलियन↓-38.6%
- घरेलू कपड़ा सामानUS$ 29.3 मिलियन → US$ 24.3 मिलियन↓-17.2%
- पशु आहार और खाद्य अवशेषUS$ 22.5 मिलियन → US$ 18.9 मिलियन↓-15.9%
- सिले हुए वस्त्र (वोवन)US$ 14.1 मिलियन → US$ 12.2 मिलियन↓-13%
- कालीनUS$ 6.4 मिलियन → US$ 5.6 मिलियन↓-13%
हमारी उत्पाद गाइड जो यहाँ बिकती हैं
हर उत्पाद का भारत से इस देश को निर्यात, 2025-26।
निर्यात की 20 सबसे बड़ी चीज़ें
4-अंकीय HS लाइन, 2025-26। विवरण HS नामावली के अंग्रेज़ी नाम में, साथ में अध्याय हिंदी में।
भारत नॉर्वे से क्या ख़रीदता है
TradeStat के अनुसार भारत का इस देश से आयात, 2025-26, HS अध्याय के हिसाब से — यह देश आपका सप्लायर भी हो सकता है।
- भारत का आयात, 2025-26
- US$ 635 मिलियन US$ 633 मिलियन → US$ 635 मिलियन
- भारत का निर्यात, 2025-26
- US$ 472 मिलियन
- व्यापार संतुलन
- −US$ 163 मिलियन निर्यात घटा आयात
- आयात में बदलाव
- +0.4%
देश एक नज़र में
- जनसंख्या
- 5.6 मिलियन 2025
- GDP
- US$ 530.8 बिलियन 2025
- प्रति व्यक्ति GDP
- US$ 94,594 2025
- कुल आयात (सामान और सेवाएँ)
- US$ 178.8 बिलियन 2025
स्रोत: TradeStat — Export Import Data Bank, Department of Commerce · World Bank — World Development Indicators · आँकड़े लिए गए: 29 अक्टूबर 2026।
नॉर्वे को क्या भेजें
सभी उत्पाद →
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानरेडीमेड वस्त्र (गारमेंट्स)ब्रांडों और रिटेल कंपनियों के लिए निटेड और वोवन कपड़े; बड़े खरीदार अमेरिका, ब्रिटेन, UAE और यूरोपीय संघ हैं।HS6109.10निर्यात 2025-26US$ 15.8 बिलियन ↓1.2%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानहोम टेक्सटाइल (बिस्तर, स्नान और रसोई के कपड़े)रिटेलरों के लिए चादरें, तौलिये और रसोई के कपड़े; भारत के आधे से ज़्यादा निर्यात अमेरिका खरीदता है।HS6302निर्यात 2025-26US$ 2.01 बिलियन ↓5.7%
निर्यात मुक्तकपड़ा और परिधानकालीन और दरियाँभदोही, जयपुर और पानीपत के हाथ से बने, टफ़्टेड और फ़्लैट-वीव कालीन; आधे से ज़्यादा अमेरिका खरीदता है।HS5701निर्यात 2025-26US$ 1.97 बिलियन ↓5.9%
निर्यात मुक्तहस्तशिल्पहस्तशिल्प (बेंत, बाँस, जूट और प्राकृतिक रेशा)बेंत, बाँस और घास से बनी टोकरियाँ, भंडारण वस्तुएँ, लैंप और सजावटी सामान, जो होम-डेकोर आयातकों को बिकता है।HS4602निर्यात 2025-26US$ 23.3 मिलियन ↓20.7%
शर्तों के साथ मुक्तचमड़ा और जूतेचमड़े के सामान (बैग, बटुए, बेल्ट)ब्रांडों के लिए चमड़े के हैंडबैग, बटुए और यात्रा सामान; ज़्यादातर अमेरिका और यूरोप खरीदते हैं।HS4202निर्यात 2025-26US$ 1.59 बिलियन ↓1.8%
निर्यात मुक्तचमड़ा और जूतेजूते-चप्पलआगरा, कानपुर और तमिलनाडु के चमड़े के जूते, सैंडल और बूट; अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी आगे।HS6403निर्यात 2025-26US$ 1.69 बिलियन ↓4.7%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानऑटो पार्ट्स और पुर्ज़ेवाहन निर्माताओं और आफ़्टरमार्केट के लिए पुर्ज़े; ज़्यादातर अमेरिका, जर्मनी और इटली खरीदते हैं, लैटिन अमेरिका में भी अच्छी माँग।HS8708निर्यात 2025-26US$ 7.64 बिलियन ↑1.8%
निर्यात मुक्तइंजीनियरिंग सामानपंपकोयंबटूर, राजकोट और अहमदाबाद के कृषि, घरेलू और औद्योगिक पंप; अमेरिका आगे।HS8413निर्यात 2025-26US$ 1.6 बिलियन ↑5.2%
यूरोप के और देश
CETAGBPलंदनयूनाइटेड किंगडमनया CETA जुलाई 2026 से लागू — ज़्यादातर भारतीय माल अब शुल्क-मुक्त जाता है। परिधान, खाद्य और इंजीनियरिंग के लिए मज़बूत बाज़ार।भारत से 2025-26US$ 13.4 बिलियन
EURएम्स्टर्डमनीदरलैंडयूरोप का मुख्य प्रवेश द्वार: रॉटरडैम पूरे EU का माल संभालता है। EU के खाद्य-सुरक्षा और अवशेष नियम लागू होते हैं।भारत से 2025-26US$ 17.5 बिलियन
EURबर्लिनजर्मनीयूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और EU में भारत का सबसे बड़ा साझेदार। गुणवत्ता, प्रमाणपत्र और आपूर्ति-श्रृंखला की पारदर्शिता को महत्व देता है।भारत से 2025-26US$ 11.5 बिलियन
EURपेरिसफ़्रांसफ़ैशन, खाद्य और डिज़ाइन का बाज़ार। EU नियम और फ़्रेंच भाषा के लेबल; SIAL पेरिस मुख्य खाद्य मेला।भारत से 2025-26US$ 7.1 बिलियन
