01चार श्रेणियाँ
DGFT हर 8 अंकों वाले HS कोड की आयात नीति ITC(HS) अनुसूची 1 में प्रकाशित करता है। “Policy” स्तंभ बताता है कि कौन-सी श्रेणी लागू है, और “Policy Condition” स्तंभ में कोई शर्त हो तो वह लिखी होती है।
- मुक्त (Free): अपने IEC से आयात करें, अन्य क़ानूनों (BIS, FSSAI, संगरोध आदि) के अधीन।
- प्रतिबंधित (Restricted): माल भेजे जाने से पहले DGFT से आयात प्राधिकार (लाइसेंस) चाहिए।
- निषिद्ध (Prohibited): आयात बिल्कुल नहीं हो सकता।
- राज्य व्यापार उद्यम (STE): केवल नामित सरकारी उद्यम आयात कर सकता है, या उसकी अनुमति से अन्य।
02कैसे जाँचें
dgft.gov.in पर ITC(HS) खोज खोलें, Import Policy चुनें और अपना HS कोड या उत्पाद का नाम लिखें। अध्याय की टिप्पणियाँ और नीति-शर्त भी पढ़ें — “मुक्त” वस्तु के लिए भी पंजीकरण, जाँच प्रमाणपत्र या किसी विशेष प्रवेश-बंदरगाह की शर्त हो सकती है। DGFT की अधिसूचनाएँ भी देखें, क्योंकि कुछ वस्तुओं की नीति साल के बीच बदल दी जाती है।
03पुराना (सेकंड-हैंड) सामान
पुराने सामान के अपने नियम विदेश व्यापार नीति के अध्याय 2 में हैं। पुरानी पूंजीगत वस्तुएँ मोटे तौर पर शर्तों के साथ अनुमत हैं, जबकि ज़्यादातर अन्य पुराना सामान प्रतिबंधित है। इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक्स और इसी तरह की वस्तुओं के लिए पर्यावरण नियमों के तहत मंज़ूरी भी लग सकती है। विदेश से पुरानी मशीनें या सामान ख़रीदने से पहले अपने मामले वाला FTP पैरा पढ़ें।
04आयात लाइसेंस के लिए आवेदन
प्रतिबंधित वस्तु के लिए dgft.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन शुल्क CIF मूल्य के हर ₹1,000 पर ₹1 है, न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1 लाख (परिशिष्ट 2K)। ज़्यादातर मामलों का निर्णय एक्ज़िम सुविधा समिति करती है। लाइसेंस जारी होने से पहले माल न मँगवाएँ — बिना लाइसेंस आए माल को ज़ब्त किया जा सकता है।
स्रोत (3)
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