01शुरुआती तैयारी
ये एक बार के क़दम हैं। खरीदार से भाव की बात करने से पहले इन्हें पूरा करें।
- PAN सहित व्यावसायिक इकाई और विदेशी मुद्रा संभालने वाले बैंक (AD बैंक) में चालू खाता।
- DGFT से IEC, हर साल अपडेट।
- GST पंजीकरण और साल के लिए LUT दाखिल, ताकि बिना IGST चुकाए निर्यात कर सकें।
- अपनी निर्यात संवर्धन परिषद या बोर्ड से RCMC, और उत्पाद पंजीकरण (जैसे APEDA, FSSAI)।
- जिस बंदरगाह या ICD से भेजेंगे, वहाँ AD कोड दर्ज।
02ऑर्डर
कच्चा माल खरीदने से पहले सब कुछ लिखित में लें।
- खरीदार की जाँच (लाइसेंस, पता, बातचीत, उधार हो तो ECGC)।
- इनकोटर्म, भुगतान शर्तें, विनिर्देश, पैकिंग और लेबलिंग सहित प्रोफ़ॉर्मा बीजक और हस्ताक्षरित PO।
- अग्रिम प्राप्त, या बैंक द्वारा LC की जाँच।
03लदान
जल्दी बुक करें और हर दस्तावेज़ एक-सा रखें।
- भाड़ा बुक; कस्टम ब्रोकर नियुक्त।
- बीजक, पैकिंग सूची, प्रमाणपत्र (उद्गम, पादप स्वच्छता, स्वास्थ्य, धूमन) तैयार।
- सही योजना चुनकर शिपिंग बिल दाखिल; LEO प्राप्त।
- जारी होने से पहले BL का ड्राफ़्ट जाँचा।
04लदान के बाद
काम तब पूरा होता है जब पैसा आ जाए और रिकॉर्ड बंद हो जाएँ।
- तय तरीके से दस्तावेज़ खरीदार या बैंक को भेजे।
- RBI की अवधि (1 अक्टूबर 2026 से माल के लिए नौ महीने) में भुगतान प्राप्त; e-BRC बना।
- RoDTEP / ड्रॉबैक / IGST रिफ़ंड जमा होने तक नज़र रखी।
