01नकली खरीदार और अग्रिम-शुल्क धोखाधड़ी
एक ‘खरीदार’ बड़ा ऑर्डर भेजता है और फिर आपसे पंजीकरण, आयात परमिट, किसी ख़ास लैब से परीक्षण या दौरे के लिए पैसे माँगता है। भुगतान के बाद वह गायब हो जाता है। असली खरीदार ऑर्डर देने के लिए विक्रेता से पैसे नहीं लेता।
02नकली या न चल सकने वाले साख-पत्र
धोखेबाज़ ईमेल से या अस्तित्वहीन बैंकों से LC भेजते हैं, या असली LC में ऐसी शर्तें डालते हैं जो आप कभी पूरी न कर पाएँ (जैसे ऐसा प्रमाणपत्र जो केवल खरीदार दे सकता है)। LC केवल अपने बैंक के माध्यम से लें, और उससे प्रामाणिकता व हर शर्त की जाँच कराएँ।
03बदले गए बैंक विवरण (ईमेल में सेंध)
अपराधी ईमेल खाता हैक या नकल करके खरीदार को बताते हैं कि आपका बैंक खाता बदल गया है। शुरुआत में ही खरीदारों को बता दें कि आपका खाता ईमेल से कभी नहीं बदलेगा, और किसी भी बदलाव की पुष्टि जाने-पहचाने नंबर पर फ़ोन करके करें।
04नकली सरकारी वेबसाइटें
DGFT ने IEC और अन्य DGFT सेवाओं के नाम पर पैसा वसूलने वाली मिलती-जुलती वेबसाइटों और ईमेल के बारे में चेतावनी दी है। केवल dgft.gov.in का उपयोग करें, और अपना डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र सुरक्षित रखें — DGFT ने चोरी हुए DSC के दुरुपयोग के बारे में भी निर्यातकों को सावधान किया है।
05अपनी सुरक्षा करें
नए खरीदारों के साथ सुरक्षित भुगतान शर्तें रखें, ECGC (और उसकी स्पेसिफ़िक अप्रूवल लिस्ट) से खरीदार की जाँच करें, और RBI की प्राप्ति समय-सीमा याद रखें। विदेशी खरीदार से विवाद हो तो DGFT की गुणवत्ता शिकायत एवं व्यापार विवाद समिति (FTP 2023, अध्याय 8) आपकी परिषद के साथ मदद कर सकती है।
- न अग्रिम, न मज़बूत बैंक का LC, न ECGC कवर → नए खरीदार को उधार पर माल न भेजें।
- भुगतान से पहले मूल BL न सौंपें और टेलेक्स रिलीज़ पर सहमत न हों।
