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निर्यात का मूल्य तय करना: EXW से FOB से CIF

लागत-दर-लागत निर्यात मूल्य कैसे बनाएँ, काल्पनिक आँकड़ों वाले एक उदाहरण के साथ।

01अपनी कारख़ाना-द्वार (एक्स-वर्क्स) लागत से शुरू करें

एक्स-वर्क्स (EXW) आपके दरवाज़े पर निर्यात के लिए पैक माल की लागत और आपका मुनाफ़ा है। निर्यात पैकिंग, लेबल और पैलेट अक्सर घरेलू पैकिंग से महँगे होते हैं — इन्हें जोड़ें।

02जहाज़ तक की लागत जोड़ें (FOB)

बंदरगाह या ICD तक अंतर्देशीय ढुलाई, CFS और टर्मिनल हैंडलिंग, कस्टम ब्रोकर शुल्क, प्रमाणपत्र (उद्गम, पादप स्वच्छता, निरीक्षण), बैंक शुल्क और अंतर्देशीय बीमा।

03भाड़ा और बीमा जोड़ें (CFR, CIF)

गंतव्य बंदरगाह तक समुद्री भाड़ा जोड़ने पर CFR बनता है। समुद्री बीमा (आमतौर पर मूल्य के 110% पर) जोड़ने पर CIF। भाव भेजने से पहले भाड़े का वैधता सहित लिखित भाव लें।

04उदाहरण (केवल समझाने के लिए काल्पनिक आँकड़े)

एक मसाले के 10,000 किलो का एक 20 फ़ुट कंटेनर। ये आँकड़े सिर्फ़ तरीका समझाने के लिए गढ़े गए हैं — अपने उत्पाद और मार्ग के असली भाव लें।

  • माल + निर्यात पैकिंग + मुनाफ़ा (EXW): ₹10,00,000
  • बंदरगाह तक ट्रक, CFS, ब्रोकर, प्रमाणपत्र: + ₹50,000 → FOB ₹10,50,000
  • समुद्री भाड़ा: + ₹1,00,000 → CFR ₹11,50,000
  • बीमा: + ₹5,000 → CIF ₹11,55,000
  • 10,000 किलो से भाग दें और सावधानी वाली विनिमय दर पर बदलकर प्रति किलो भाव दें।

05क्या न जोड़ें और किस पर नज़र रखें

घाटे वाले भाव को चलाने के लिए RoDTEP या ड्रॉबैक जैसे प्रोत्साहनों पर भरोसा न करें; दरें बदलती हैं और दावे में समय लगता है। LUT के तहत निर्यात हो तो IGST न जोड़ें। विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के लिए गुंजाइश रखें।

स्रोत (2)
  1. ICC — Incoterms 2020 rules
  2. DGFT — Beginners guide to Trade Finance

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